IMC 2026: AI-नेटिव नेटवर्क और 6G तय करेंगे टेलीकॉम के भविष्य की दिशा, दिग्गजों ने जताया भरोसा

भारत का टेलीकॉम सेक्टर अब सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान दुनिया भर के टेक्नोलॉजी लीडर्स ने जोर देकर कहा कि अब समय AI-नेटिव नेटवर्क बनाने का है। इसका मतलब है कि बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में ही इंटेलिजेंस को शामिल किया जाएगा, ताकि डिजिटल इकोनॉमी के अगले चरण को मजबूती मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के नेटवर्क अधिक प्रोग्रामेबल, सुरक्षित और बुद्धिमान होंगे।
इरिकसन (Ericsson) के दक्षिण-पूर्व एशिया, ओशिनिया और इंडिया के सीईओ एंड्रेस विसेंटे ने कहा कि भारत ने जिस तेजी से 5G को अपनाया है और उन्नत नेटवर्क में निवेश किया है, उसने डिजिटल विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है। उन्होंने बताया कि 5G स्टैंडअलोन की ओर बढ़ना नेटवर्क को अधिक लचीला बनाएगा, जिससे नए AI-पावर्ड उपयोग संभव होंगे और अंततः 6G की ओर बढ़ने का रास्ता साफ होगा।
AI बनेगा नया यूजर इंटरफेस और इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति
जीएसएमए (GSMA) के महानिदेशक विवेक बद्रीनाथ के अनुसार, अब ध्यान सिर्फ लोगों को जोड़ने पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि अरबों कनेक्टेड लोग और बिजनेस इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कैसे करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में AI एक प्रमुख भूमिका निभाएगा, जिसके लिए कंप्यूट, डेटा और स्किल्स का होना बेहद जरूरी है।
क्वालकॉम (Qualcomm) के ईटिएन चैपोनिएर ने एक दिलचस्प पहलू साझा किया। उन्होंने कहा कि AI जल्द ही एक नया 'यूजर इंटरफेस' बन सकता है, क्योंकि डिवाइस अब अपने आसपास के माहौल को समझने और जानकारी को स्थानीय स्तर (locally) पर प्रोसेस करने में सक्षम होंगे। इससे सारा डेटा नेटवर्क पर भेजने की जरूरत कम होगी, जिससे भविष्य के नेटवर्क डिजाइन और स्टैंडर्ड्स बदल जाएंगे। वहीं, TIM के जियाकोमो रोबस्टेली ने AI को एक इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति बताया, जो कनेक्टिविटी, स्टोरेज और सुरक्षा की मांग को बढ़ाएगा।
6G के मोर्चे पर बात करते हुए भारत 6G एलायंस के चेयरमैन एन.जी. सुब्रमण्यम ने कहा कि 6G सिर्फ तेज स्पीड के बारे में नहीं है, बल्कि यह नेटवर्क को और अधिक बुद्धिमान बनाने की तकनीक है। भारत सरकार के समर्थन और इंडस्ट्री की भागीदारी से 6G के विकास पर 'मिशन मोड' में काम किया जा रहा है।
सी-डॉट (C-DOT) के सीईओ राजकुमार उपाध्याय ने भारतीय टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि डिजाइन, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और घरेलू उपकरणों के जरिए वैल्यू क्रिएशन पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, साइबर सुरक्षा और AI में निवेश बढ़ाना समय की मांग है।