पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर भड़के इमाम उमर अहमद इलियास और वीएचपी, देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश का आरोप

ऑल इंडिया इमाम संगठन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियास ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के 'हिंदू अतिवाद' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रविवार को एएनआई से बात करते हुए कहा कि ऐसे बयानों का उद्देश्य मुसलमानों को उकसाना और देश के माहौल को खराब करना है। इलियास ने कहा कि जब हामिद अंसारी सत्ता में थे और अहम पदों पर थे, तब वह धर्मनिरपेक्ष थे और आज उन्हें अचानक मुसलमान याद आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंसारी ने मुसलमानों के बीच अपनी छवि फिर से सुधारने के लिए इस तरह के बयान दिए हैं, जिससे समाज में तनाव पैदा हो सकता है।
इमाम इलियास ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है और कुछ ताकतें देश के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंसारी को भागवत के उन बयानों पर भी ध्यान देना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है और मस्जिदों में शिवलिंग नहीं तलाशे जाने चाहिए। इलियास ने कहा कि देश के मुसलमान समझदार हैं और किसी भी भड़काऊ बयान से बहकावे में नहीं आएंगे।
दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता विनोद बंसल ने भी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयानों की कड़ी आलोचना की। विनोद बंसल ने कहा कि भारत ने उन्हें पद, सम्मान और पैसा दिया है, इसलिए उन्हें देश का अपमान करना बंद करना चाहिए। वीएचपी नेता ने आरोप लगाया कि अंसारी के बयान देश के बहुसंख्यक समुदाय के खिलाफ थे। बंसल ने कहा कि देश को बहुसंख्यक हिंदू समाज से कोई खतरा नहीं है, बल्कि खतरा उन लोगों से है जो चरमपंथी मानसिकता रखते हैं और अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक के बीच नफरत फैलाते हैं।