दिल्ली में पटाखों की अवैध बिक्री का खेल: किराने की दुकानों और सोशल मीडिया का सहारा
दिल्ली में पटाखों पर बैन के बावजूद किराने की दुकानों और सोशल मीडिया के जरिए हो रही है तस्करी। पुलिस ने कई गिरफ्तारियां कीं।

राजधानी दिल्ली में पटाखों के भंडारण, निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद, अवैध कारोबारियों ने इसे चलाने के नए और शातिर तरीके ढूंढ लिए हैं। अब यह धंधा केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किराने की दुकानों की आड़ में और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फल-फूल रहा है। शहर के कई इलाकों में लोग व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए ऑर्डर दे रहे हैं और घर बैठे पटाखों की होम डिलीवरी पा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, फिल्मिस्तान, सदर बाजार, सादिक नगर, एंड्रयूज गंज, नाथू कॉलोनी, शालीमार बाग और त्रिलोकपुरी जैसे इलाकों में यह नेटवर्क काफी सक्रिय है। यहां बड़े पटाखों की कीमत 500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक वसूली जा रही है। दिवाली 2026 के करीब आते ही दिल्ली पुलिस ने अपनी सख्ती बढ़ा दी है और इस अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद
पुलिस की कार्रवाई में अब तक कई बड़े खुलासे हुए हैं। 28 अक्टूबर को गोकुलपुरी इलाके में एक अवैध निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया गया, जहां से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वहां से 880 तैयार पटाखे, 600 आधे बने पटाखे, 34 किलो विस्फोटक पाउडर और मशीनें जब्त कीं।
इस साल 1 जनवरी से 22 अक्टूबर के बीच चलाए गए विशेष अभियानों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पुलिस ने कुल 21 मामले दर्ज किए और 30 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 6,625 किलोग्राम से अधिक अवैध विस्फोटक जब्त किए गए। हालिया बड़ी बरामदगी में शामिल हैं:
- त्रिलोकपुरी: 23 अक्टूबर को 707 किलो पटाखे जब्त।
- मंडोली: 14 अक्टूबर को 567.30 किलो पटाखे बरामद।
- आउटर नॉर्थ जिला: 5 अक्टूबर को 2,101 किलो विस्फोटक जब्त।
- बुद्ध विहार: 1 अक्टूबर को 35 लाख रुपये मूल्य के 683 किलो पटाखे पकड़े गए।
इस पूरे मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। कोर्ट ने 29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के उपयोग पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। हालांकि कोर्ट ने पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में बात नहीं कही है, लेकिन प्रशासन द्वारा नियमों को लागू करने में की जा रही लापरवाही पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने जागरूकता बढ़ाने के लिए विराट कोहली जैसी मशहूर हस्तियों की मदद करने का सुझाव दिया है और केंद्र सरकार से इस संबंध में एक हलफनामा मांगा है। फिलहाल, 25 अक्टूबर तक दिल्ली में पटाखों की बिक्री या चलाने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है।