IIT Roorkee और Deakin University ने ग्रेटर नोएडा में शुरू किया रेजिलिएंस सेंटर
IIT Roorkee और ऑस्ट्रेलिया की Deakin University ने मिलकर आपदा प्रबंधन और संकट नेतृत्व के लिए एक नया सेंटर शुरू किया है।

आपदाओं से निपटने और संकट के समय सही नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करने के लिए IIT Roorkee और ऑस्ट्रेलिया की Deakin University ने हाथ मिलाया है। दोनों संस्थानों ने मिलकर 'सेंटर फॉर रेजिलिएंस एंड रिकवरी लीडरशिप' (CRRL) की स्थापना की है। इस नई पहल की शुरुआत ग्रेटर नोएडा कैंपस में आयोजित एक विशेष तीन दिवसीय कार्यकारी प्रशिक्षण कार्यशाला 'लीडरशिप फॉर क्राइसिस मैनेजर्स' के साथ हुई, जो 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चली।
संकट प्रबंधन के लिए आधुनिक ट्रेनिंग और रिसर्च पर जोर
इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य भारत भर में आपदा लचीलेपन (डिजास्टर रेजिलिएंस), आपदा के बाद की रिकवरी और इनोवेशन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और शोध को बढ़ावा देना है। इस प्रोग्राम को IIT Roorkee के ICARS और Deakin University के सेंटर फॉर ह्यूमैनिटेरियन लीडरशिप (CHL) ने संयुक्त रूप से तैयार किया है।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया गया, बल्कि संकट के सिमुलेशन और व्यावहारिक अभ्यासों के जरिए सिखाया गया कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाओं, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों और बुनियादी ढांचे में आने वाली बाधाओं जैसी जटिल चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए। ट्रेनिंग में अडैप्टिव लीडरशिप, समावेशी प्रतिक्रिया और गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
IIT Roorkee के निदेशक प्रोफेसर के. के. पंत ने इस साझेदारी को आपसी सीखने की एक साझा यात्रा बताया, जो अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रयासों के साथ जोड़ने का काम करेगी। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई गृह विभाग के क्षेत्रीय निदेशक स्टीवन बिडल ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी बड़े संकट के आने से पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वास और नेटवर्क बनाना बेहद जरूरी है।
इस सफल लॉन्च के बाद, CRRL अब पूरे भारत में आपदा लचीलेपन और नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ाने के अपने मिशन को आगे बढ़ाएगा।