रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लॉन्च किया आईआईटी कानपुर का 1 बिलियन डॉलर कैंपेन, बनेगा डिफेंस ड्रोन हब

Kittu Kumari14 October 20262 min read0 viewsNational
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लॉन्च किया आईआईटी कानपुर का 1 बिलियन डॉलर कैंपेन, बनेगा डिफेंस ड्रोन हब

भारत को रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आईआईटी कानपुर के 'ग्रेटर दैन अस' (Greater Than Us) अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के जरिए संस्थान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य रिसर्च और इनोवेशन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने साफ किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' का मतलब सिर्फ देश में उत्पादन करना नहीं, बल्कि डिजाइन और इनोवेशन की क्षमता विकसित करना है।

ड्रोन हब से खत्म होगा विदेशी पुर्जों पर निर्भरता

आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्थान रक्षा मंत्रालय के सहयोग से एक बड़ा ड्रोन हब स्थापित करने जा रहा है। वर्तमान में भारत में ड्रोन तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनमें इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण पुर्जे (क्रिटिकल कंपोनेंट्स) विदेशों से आयात करने पड़ते हैं। इस ड्रोन हब का मकसद उन पुर्जों का स्वदेशी निर्माण करना है, ताकि युद्ध जैसी स्थितियों में भारत किसी बाहरी देश पर निर्भर न रहे और जरूरत के हिसाब से सही ड्रोन खुद तैयार कर सके।

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ड्रोन के अलावा, संस्थान कुछ ऐसी तकनीकों पर काम कर रहा है जो भारतीय सेना की ताकत को कई गुना बढ़ा सकती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • साइबर सिक्योरिटी: भविष्य की सुरक्षा के लिए डिजिटल मोर्चे पर मजबूती।
  • स्टील्थ मटेरियल्स: ऐसे विशेष पदार्थ जो रडार की नजर से बचने में मदद करते हैं।
  • क्वांटम सेंसिंग: क्वांटम मैग्नेटोमीटर जैसी तकनीक, जिससे समुद्र की गहराई में छिपी पनडुब्बियों (Submarines) की हलचल का पता लगाया जा सकेगा।

राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक सेना, डीआरडीओ, शैक्षणिक संस्थान और निजी कंपनियां मिलकर काम नहीं करेंगी, तब तक रणनीतिक महत्व की तकनीकें विकसित करना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार द्वारा रिसर्च और इनोवेशन के लिए मंजूर की गई 1 लाख करोड़ रुपये की योजना का भी जिक्र किया, जो निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देगी। संस्थान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे सात रणनीतिक क्षेत्रों में फंड जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

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