गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आईआईटी गांधीनगर को मिला जिम्मा

Kittu Kumari25 August 20262 min read105 viewsNCR
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आईआईटी गांधीनगर को मिला जिम्मा

गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के समाधान खोजने के लिए अब आईआईटी गांधीनगर की टीम को जिम्मा मिला है। शहर में जलभराव से हो रही किरकिरी और विकास कार्यों पर उठ रहे सवालों के बीच मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने आईआईटी गांधीनगर की टीम के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में शहर के प्रमुख जलभराव संभावित क्षेत्रों के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एमसीजी और जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी और पार्षदगण भी उपस्थित रहे।

सुभाष चौक और राजीव चौक पर तकनीकी विकल्पों पर विचार

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बैठक के दौरान सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया। इन क्षेत्रों में बारिश के पानी के प्रभावी प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। बैठक में इन क्षेत्रों में 48 लीटर प्रति सेकंड से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता के वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया ताकि बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन, संग्रहण और निकासी मजबूत हो सके।

एक वर्ष की समय-सीमा में कार्य पूरा करने का लक्ष्य

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बैठक में प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाते हुए इनके लिए एक वर्ष की समय-सीमा निर्धारित कर कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय करने पर जोर दिया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ये व्यवस्थाएं होने वाली बरसात से तीन गुणा अधिक होंगी। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि गुरुग्राम में जलभराव की समस्या का समाधान केवल तत्काल पंपिंग तक सीमित न रहकर स्थायी और तकनीक आधारित होना चाहिए।

ग्राउंड वाटर रिचार्ज और ड्रेनेज पर दबाव होगा कम

निगमायुक्त ने कहा कि मौजूदा जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाकर संवेदनशील क्षेत्रों में दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जाएगा। इससे जलभराव का स्थायी समाधान होने के साथ ही ग्राउंड वाटर रिचार्ज होगा और ड्रेनेज पर दबाव भी कम होगा। इस वर्चुअल बैठक में आईआईटी गांधीनगर के प्रो. उदित भाटिया और प्रो. विवेक कपाडि़या के अलावा अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव व अनूप सिंह, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव व विक्रम कलकल, सहायक अभियंता सुनील सैनी व कनिष्ठ अभियंता प्रियदीप सोनी उपस्थित रहे।

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