आईआईटी-दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरकर एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत हो गई। यह घटना 22 अगस्त 2026 को हुई थी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और छात्र के मोबाइल फोन तथा संस्थान के काउंसलिंग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद छात्रों ने 25 अगस्त 2026 को कैंपस में बड़ा प्रदर्शन किया।
छात्र प्रशासनिक लापरवाही की जांच और एसोसिएट डीन प्रोफेसर श्रीदेवी उपाध्यायूला के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है और बताया कि 2023 के बाद से संस्थान में यह आठवीं आत्महत्या है। मृतक के भाई अभिषेक कुमार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऋषिकेश की मानसिक स्थिति से अवगत था, फिर भी उन्हें हॉस्टल नहीं दिया गया, जिससे उन्हें बाहर रहना पड़ा।
आईआईटी-दिल्ली के डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने इस मौत की जांच के लिए पांच सदस्यीय बाहरी कमेटी के गठन की घोषणा की है। संस्थान ने पुष्टि की है कि ऋषिकेश मार्च 2026 से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करा रहे थे और उन्होंने दो सेमेस्टर छोड़ दिए थे। संस्थान ने शिकायतों के लिए एक बाहरी लोकपाल नियुक्त किया है, नई फैकल्टी-छात्र मेंटरशिप प्रणाली लागू की है और परिवार को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। दोस्तों ने ऋषिकेश को एक शानदार हिंदी वक्ता और कवि के रूप में याद किया।