आईआईटी दिल्ली के पीएचडी छात्र मनीष आनंद का निधन, इलाज के दौरान तोड़ा दम

देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बायोकेमिकल इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पीएचडी छात्र मनीष आनंद का इलाज के दौरान निधन हो गया है। मनीष मूल रूप से बिहार के पूर्णिया के रहने वाले थे और दिल्ली के कटवारिया सराय इलाके में पीजी में रह रहे थे। उनकी मौत की खबर से कैंपस में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, मनीष लंबे समय से किडनी और लिवर की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी हालत तब और बिगड़ गई जब 18 अगस्त 2026 को दक्षिण दिल्ली के मुनिरका स्थित उनके कमरे के बाथरूम में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस हादसे के बाद उन्हें तुरंत एम्स के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। करीब डेढ़ महीने तक डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन 3 अक्टूबर 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिवार में शोक, पुलिस जांच जारी
मनीष के परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है, खासकर तब जब उनके बड़े भाई 2025 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। इस मामले में किशनगढ़ पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि परिवार की ओर से अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस घटना के परिस्थितियों की जांच कर रही है।
आईआईटी दिल्ली प्रशासन ने इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स ने ईमेल के जरिए छात्रों को इस नुकसान की जानकारी दी, वहीं रजिस्ट्रार ने संस्थान में मनीष के लिए एक शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की है। संस्थान का कहना है कि उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की है।
हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने के भीतर आईआईटी दिल्ली में यह दूसरा छात्र निधन का मामला है। इससे पहले 22 अगस्त को एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार का निधन हुआ था, जिसके बाद संस्थान ने एक बाहरी जांच समिति बनाई थी। इन घटनाओं ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक और मानसिक दबाव को लेकर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तनाव की स्थिति में कैंपस की काउंसलिंग सेवाओं का लाभ उठाएं।