IIT दिल्ली में छात्रों की मानसिक सेहत के लिए बड़े सुधार, नियुक्त होंगे नए काउंसलर

IIT दिल्ली ने छात्रों की मानसिक सेहत के लिए नए सुधार लागू किए हैं, जिसमें नए काउंसलर और ग्रिवेंस ओम्बुड्समैन की नियुक्ति शामिल है।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
IIT दिल्ली में छात्रों की मानसिक सेहत के लिए बड़े सुधार, नियुक्त होंगे नए काउंसलर

IIT दिल्ली ने अपने कैंपस में छात्रों की मानसिक सेहत को बेहतर बनाने और उनके लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम तैयार करने के लिए कई बड़े संस्थागत सुधारों का ऐलान किया है। यह कदम अगस्त 2026 में एक छात्र की दुखद मृत्यु के बाद उठाए गए हैं। संस्थान ने 4 नवंबर 2026 को इन बदलावों को औपचारिक रूप से लागू किया, जो रिटायर्ड दिल्ली हाई कोर्ट जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक बाहरी जांच समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं।

इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य कैंपस में एक ऐसा माहौल बनाना है जहां छात्र अपनी समस्याओं को बिना किसी डर के साझा कर सकें। इसके लिए संस्थान एक स्वतंत्र 'स्टूडेंट ग्रिवेंस ओम्बुड्समैन' की नियुक्ति करेगा, ताकि छात्रों की शिकायतों का समय पर और सही तरीके से निपटारा हो सके। साथ ही, केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि फैकल्टी, प्रशासनिक कर्मचारियों और हॉस्टल स्टाफ के लिए भी सहानुभूति (empathy), सॉफ्ट स्किल्स और मेंटल हेल्थ सेंसिटाइजेशन पर ट्रेनिंग वर्कशॉप अनिवार्य की गई हैं।

प्रोफेशनल केयर और रि-एंट्री प्रोटोकॉल पर जोर

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मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए IIT दिल्ली अब अतिरिक्त फुल-टाइम क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर्स की भर्ती करेगा। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर विजिटिंग साइकियाट्रिस्ट्स की सेवाएं भी ली जाएंगी। संस्थान ने उन छात्रों के लिए विशेष 'रि-एंट्री प्रोटोकॉल' तैयार किए हैं जो लंबे समय तक छुट्टी पर रहने के बाद वापस लौटते हैं। इसमें उनके लिए विशेष काउंसलिंग, एकेडमिक कोऑर्डिनेशन और 'बडी नेटवर्क' जैसी सुविधाएं शामिल होंगी ताकि वे दोबारा पढ़ाई में आसानी से ढल सकें।

इन सभी बदलावों की निगरानी के लिए एक नई बाहरी समीक्षा समिति का गठन किया गया है। इस समिति में दो वरिष्ठ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, एक वेलफेयर प्रोफेशनल और दो छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो वर्तमान वेलनेस पॉलिसी और सपोर्ट फ्रेमवर्क का बारीकी से आकलन करेंगे।

इस पूरे रोडमैप को तैयार करने में संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशंस, स्टूडेंट अफेयर्स और एकेडमिक्स के डीन के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही है। 3 नवंबर 2026 को स्टूडेंट अफेयर्स काउंसिल की बैठक में छात्रों के सुझावों को भी इस योजना में शामिल किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ये बदलाव वास्तव में छात्रों की जरूरतों के मुताबिक हों।

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