आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने देश का पहला स्वदेशी माइक्रो-जीपीयू बना लिया है। इस कदम से देश की दूसरे देशों से तकनीक मंगाने की निर्भरता कम होगी। इस प्रोजेक्ट को इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर जयदेवा और प्रोफेसर कौशिक साहा की देखरेख में एम.टेक के छात्रों नम्मी आकाश और एम. रवि तेजा ने पूरा किया है। यह माइक्रो-जीपीयू स्पार्टन-7 एफपीजीए प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है।
यह माइक्रो-जीपीयू रजिस्टर ट्रांसफर लैंग्वेज की मदद से बनाया गया है। इसे बड़े गेमिंग कंप्यूटर के बजाय आम इस्तेमाल वाले छोटे उपकरणों के लिए बनाया गया है।
इसका उपयोग कम कीमत वाले डिस्प्ले, ई-रिक्शा, औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों, और ई-बुक रीडर में किया जा सकता है। इसके बारे में अधिक जानकारी
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प्रोफेसर जयदेवा ने बताया कि इस खोज से सस्ते और उपयोगी कंप्यूटर प्लेटफॉर्म बनाने में मदद मिलेगी।
प्रोफेसर कौशिक साहा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में गणितीय हार्डवेयर और एंबेडेड सिस्टम को एक साथ जोड़ा गया है। शोध टीम अब इसे 8-16 कोर वाले प्रोसेसर में बदलने पर काम कर रही है।
टीम चिप बनाने के लिए फंडिंग जुटा रही है ताकि इसे बाजार में लाया जा सके।