IIT Delhi Convocation: संस्कृत श्लोकों के पाठ पर विवाद, कांग्रेस और AIMIM ने उठाए सवाल

IIT Delhi के 57वें Convocation (दीक्षांत समारोह) में संस्कृत श्लोकों के पाठ को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और नेताओं की तरफ से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कहाँ से लिए गए थे श्लोक?
कांग्रेस प्रवक्ता Shama Mohammed ने 9-10 अगस्त को आपत्ति जताते हुए इसे Gayatri Mantra बताकर सवाल उठाया। हालांकि, IIT Kanpur के पूर्व छात्र Gyan C. Mehta और पत्रकार Abhijeet Majumdar जैसे विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि ये श्लोक Gayatri Mantra नहीं थे। ये श्लोक Taittiriya Upanishad के 'Shikshavalli' भाग से लिए गए थे, जो शिक्षा और गुरु-शिष्य संबंध पर केंद्रित हैं। यह भाग सच बोलने, धर्म का पालन करने और शिक्षकों व माता-पिता का सम्मान करने जैसे मूल्यों पर जोर देता है, जो Graduation Ceremony के लिए उपयुक्त है।
IIT Delhi और Asaduddin Owaisi का पक्ष
IIT Delhi ने एक Official Statement जारी कर कहा कि दीक्षांत समारोह के दौरान वैदिक मंत्रों का पाठ एक Long-standing Tradition है और यह संस्थान के Academic Protocol का एक स्थापित हिस्सा है, ना कि 57वें समारोह के लिए लाया गया कोई नया निर्देश। इस बीच, AIMIM चीफ Asaduddin Owaisi ने भी इस प्रथा की आलोचना की और छात्रों को खड़े होने के निर्देश पर रिपोर्ट का हवाला देते हुए चिंता जताई कि यह पूरी तरह से सरकारी वित्तपोषित शिक्षण संस्थानों में धार्मिक शिक्षा पर रोक लगाने वाले संविधान के Article 28 का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या छात्रों को प्रधानमंत्री के सामने झुकने का निर्देश दिया गया था।