21 सितंबर 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने अपनी सीएसआर कॉन्क्लेव के दौरान कैंसर की पहचान और चलने में असमर्थता से जुड़ी कई नई चिकित्सा तकनीकों को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, सरकारी उपक्रमों, सीएसआर संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के 150 से अधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
इस कॉन्क्लेव में बीमारी की पहचान के लिए उन्नत एआई प्लेटफॉर्म और चलने में मदद करने वाले रोबोटिक एक्सोस्केलेटन जैसी तकनीकें दिखाई गईं। शोधकर्ताओं ने ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) का शुरुआती दौर में पता लगाने के लिए रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी और एक विशेष मिनी-कोलपोस्कोप भी पेश किए। हालांकि इन नवाउसों को एक बड़ी प्रगति माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने यह भी बताया कि इनमें से कई तकनीकें अभी प्रोटोटाइप और परीक्षण के दौर में हैं।
यह कॉन्क्लेव प्रयोगशाला के शोध को जमीनी स्तर पर मरीजों की देखभाल में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इसमें स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा के उपयोग, चिकित्सा तकनीकों के लिए जरूरी नियमों और शुरुआती दौर के वैज्ञानिक अनुसंधान में सीएसआर फंड के महत्व जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई।