IIT दिल्ली और AcSIR ने रिसर्च और छात्र एक्सचेंज के लिए किया समझौता

नई दिल्ली में 30 सितंबर को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) और एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (AcSIR) ने शैक्षणिक और शोध सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। यह समझौता दोनों संस्थानों के छात्रों, शोध विद्वानों और शिक्षकों के आदान-प्रदान के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है। इस साझेदारी से छात्रों और शिक्षकों को दोनों संस्थानों की प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं का मिलकर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
शोध और छात्रों की सह-निगरानी
इस समझौते की एक मुख्य विशेषता पीएचडी, एम.टेक और एमएस (आर) के छात्रों की सह-निगरानी (co-supervision) का प्रावधान है। इस सहयोगात्मक ढांचे के तहत नामांकित छात्रों के पास IIT दिल्ली से कम से कम एक और AcSIR से जुड़ा हुआ एक सह-पर्यवेक्षक (supervisor) होगा। यह समझौता शैक्षणिक और शोध दौरों को भी आसान बनाएगा, जिससे स्नातकोत्तर छात्रों, शोध विद्वानों और शिक्षकों को पार्टनर संस्थान में समय बिताने का मौका मिलेगा।
कोर्स वर्क और ट्यूशन फीस में छूट
IIT दिल्ली और AcSIR के छात्रों को बिना किसी अलग प्रवेश प्रक्रिया या होस्ट संस्थान में ट्यूशन फीस दिए किसी भी संस्थान में अपना कोर्स वर्क और रिसर्च वर्क पूरा करने की अनुमति होगी। IIT दिल्ली और AcSIR से जुड़े अनुसंधान संस्थानों जैसे CSIR और ICMR के फैकल्टी सदस्य भी आपसी रुचि के क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकेंगे।
संस्थान के प्रमुखों के बयान
IIT दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने कहा कि यह सहयोग पारंपरिक छात्र और शिक्षक आदान-प्रदान से आगे बढ़कर शोधकर्ताओं के बीच निरंतर बातचीत का मंच तैयार करने का एक अवसर है। AcSIR के निदेशक प्रोफेसर मनोज कुमार धर ने कहा कि यह समझौता IIT और AcSIR की शोध बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञता को छात्रों और शोधकर्ताओं के एक बड़े दायरे तक पहुंचाएगा।