IIIT-Delhi का 15वां दीक्षांत समारोह: 830 छात्रों को मिली डिग्री, LG ने दिया सफलता का मंत्र
IIIT-Delhi के 15वें दीक्षांत समारोह में 830 छात्रों को डिग्री मिली। LG तरणजीत सिंह संधू ने युवाओं को नैतिकता और AI पर जोर देने को कहा।

इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, दिल्ली (IIIT-Delhi) ने अपने 15वें दीक्षांत समारोह को बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर कुल 830 छात्रों को उनकी मेहनत का फल मिला और उन्हें उनकी संबंधित डिग्रियां सौंपी गईं। इस साल स्नातक होने वाले छात्रों में 560 बी.टेक, 237 एम.टेक और 33 पीएचडी स्कॉलर्स शामिल रहे। समारोह के दौरान न केवल डिग्रियां बांटी गईं, बल्कि शानदार शैक्षणिक और शोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल और 22 विद्यार्थियों को मेरिट पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।
तकनीक के साथ नैतिकता और इनोवेशन पर जोर
इस गरिमामय कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल और IIIT-Delhi के चांसलर तरणजीत सिंह संधू ने की। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि जैसे-जैसे दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों के दौर में कदम रख रही है, वैसे-वैसे प्राइवेसी, समावेशिता और नैतिकता का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के लिए निरंतर सीखना, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना और स्वतंत्र सोच रखना बेहद जरूरी है। LG संधू ने इस बात पर जोर दिया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना युवाओं की प्रतिभा और विजन पर ही टिका है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर के एमडी और चेयरमैन राजीव कुमार मौजूद थे। उन्होंने छात्रों को करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा एक 'सीखने वाला' बने रहना चाहिए क्योंकि इंडस्ट्री बहुत तेजी से बदल रही है। उन्होंने युवाओं को एक नई सोच अपनाने की सलाह दी और कहा कि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि उद्यमिता (entrepreneurship) के जरिए दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने वाले 'क्रिएटर' बनें।
इस समारोह में संस्थान के डायरेक्टर प्रो. संदीप सेन और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. राजेश श्रीवास्तव सहित संस्थान के अन्य वरिष्ठ नेतृत्व सदस्य भी शामिल हुए, जिन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की।