मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता: दिल्ली में IHBAS के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश

राजधानी के पूर्वी दिल्ली इलाके में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए एक अनोखी पहल की गई। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता नाटक के जरिए IHBAS (इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज) के छात्रों ने आम जनता को यह समझाने की कोशिश की कि मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को मजाक या तिरस्कार की नहीं, बल्कि साथ और सहानुभूति की जरूरत होती है।
यह आयोजन 'मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह 2026' के तहत 11 अक्टूबर को किया गया। इस नाटक की खास बात यह थी कि इसे एम.एससी. (साइकियाट्रिक नर्सिंग) के छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया था। छात्रों ने अपने अभिनय के माध्यम से उन लोगों के वास्तविक संघर्षों और अनुभवों को दिखाया, जो मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
भेदभाव छोड़कर अपनाएं सहानुभूति
नाटक के जरिए छात्रों ने समाज को यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना या पीड़ित व्यक्ति को समाज से अलग-थलग करना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में डर और भेदभाव की जगह अब मददगार बातचीत और सहयोग की जरूरत है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जनता से अपील की कि वे मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर बात करें। उन्होंने बताया कि जो लोग इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनकी बातों को ध्यान से सुनना और समझना ही बेहतर मानसिक स्वास्थ्य वकालत की दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।