IGL ने सीएनजी सिलेंडर सुरक्षा जांच के लिए शुरू किया ऑटोमेटेड सिस्टम

नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL ने सीएनजी वाहनों की सुरक्षा और नियमों का पालन कराने के लिए एक नया ऑटोमेटेड व्हीकल वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है। यह डिजिटल सिस्टम फिलहाल दस रिटेल आउटलेट्स पर शुरू किया गया है ताकि वाहनों में लगे सीएनजी सिलेंडरों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। इस नई तकनीकी व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप पर प्रवेश करते ही हाई-रिजोल्यूशन कैमरों द्वारा आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ा जाता है। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से वाहन के रजिस्ट्रेशन विवरण का मिलान सीधे पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन PESO के ऑनलाइन पोर्टल पर मौजूद सिलेंडर हाइड्रो-टेस्टिंग डेटाबेस से किया जाता है।
यदि कोई वाहन सुरक्षा जांच में फेल हो जाता है या उसके सिलेंडर का हाइड्रो-टेस्टिंग सर्टिफिकेट एक्सपायरी हो चुका होता है, तो तुरंत सिस्टम द्वारा अलर्ट जारी कर दिया जाता है। यह अलर्ट हैंडहेल्ड मशीनों, डिजिटल एलईडी बोर्ड और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए तुरंत सक्रिय हो जाता है। कंपनी के अनुसार इस नई व्यवस्था से मैनुअल जांच पर निर्भरता कम होगी और सभी सेंटरों पर एक केंद्रीय निगरानी तंत्र स्थापित किया जा सकेगा। गैस सिलेंडर्स (संशोधित) नियम, 2025 के नियम 35, उप-नियम (1) के तहत सभी वाहनों के सीएनजी सिलेंडरों की हर तीन साल में PESO द्वारा मान्यता प्राप्त केंद्रों से हाइड्रोस्टेटिक जांच कराना अनिवार्य है।
नियमों का पालन न करने वाले वाहनों को तब तक सीएनजी ईंधन नहीं दिया जाएगा जब तक वाहन मालिक अपडेटेड टेस्टिंग सर्टिफिकेट पेश नहीं करते। इस डिजिटल सिस्टम के साथ-साथ कंपनी के रिटेल स्टेशनों पर मैन्युअल सुरक्षा जांच अभियान भी जारी है जहाँ कर्मचारी ईंधन भरने से पहले कागजी दस्तावेजों की जांच करते हैं। कंपनी का कहना है कि यह कदम सीएनजी रिफ्यूलिंग के दौरान ग्राहकों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। भविष्य में इस ऑटोमेटेड सिस्टम का विस्तार कंपनी के अन्य क्षेत्रीय स्टेशनों के नेटवर्क पर भी किया जाएगा।