दिल्ली: IGL ने CNG स्टेशनों पर लगाया AI सिस्टम, अब बिना सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी गैस

दिल्ली में CNG वाहनों की सुरक्षा को लेकर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने एक बड़ा और तकनीकी कदम उठाया है। अब शहर के चुनिंदा स्टेशनों पर IGL AI CNG सुरक्षा सिस्टम लागू किया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि केवल सुरक्षित और प्रमाणित सिलेंडरों वाले वाहनों को ही गैस रिफिलिंग की अनुमति मिले। इस नई व्यवस्था का मकसद सिलेंडर फटने जैसी दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करवाना है।
इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत शांतिपथ स्थित CNG स्टेशन से की गई। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के जॉइंट चीफ कंट्रोलर डॉ. संजय कुमार सिंह ने इसका उद्घाटन किया। यह पूरा सिस्टम गैस सिलेंडर (संशोधित) नियम 2025 के नियम 35(1) को लागू करने के लिए बनाया गया है, जिसके तहत हर तीन साल में PESO द्वारा मान्यता प्राप्त केंद्र से सिलेंडरों की हाइड्रो-टेस्टिंग कराना अनिवार्य है।
कैसे काम करेगा यह AI सिस्टम?
स्टेशनों पर लगाए गए स्मार्ट कैमरे सबसे पहले वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर कैप्चर करेंगे। इसके बाद AI एप्लिकेशन इस नंबर को PESO के ऑनलाइन पोर्टल से मैच करेगा। अगर किसी वाहन का हाइड्रो-टेस्ट सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका होगा या वह मान्य नहीं होगा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा। यह अलर्ट स्टेशन स्टाफ के हैंडहेल्ड डिवाइस, LED डिस्प्ले और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए दिया जाएगा, जिसके बाद उस वाहन को रिफ्यूलिंग सेवा देने से मना कर दिया जाएगा।
डॉ. संजय कुमार सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अगस्त में हुई एक सिलेंडर ब्लास्ट की घटना के बाद सुरक्षा मानकों को सख्त करने के निर्देश दिए गए थे, और यह सिस्टम उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं, IGL के मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार शंकर ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा केवल नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि यह उनकी बुनियादी जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि IGL स्टेशन पर आने वाले हर वाहन की सुरक्षा जांच अनिवार्य होनी चाहिए।
फिलहाल यह सुविधा दिल्ली के 10 स्टेशनों पर शुरू की गई है। IGL के कमर्शियल डायरेक्टर मोहित भाटिया के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों के आधार पर इसे नेटवर्क के अन्य स्टेशनों पर भी विस्तार दिया जाएगा। आपको बता दें कि IGL दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 12 भौगोलिक क्षेत्रों में 300 से अधिक CNG स्टेशन संचालित कर रही है। कंपनी ने अपने 'कॉम्प्रिहेंसिव सेफ्टी मैनेजमेंट एक्शन प्लान' को भी तेज कर दिया है, जिसके तहत सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर पेनल्टी लगाने का प्रावधान है।