IGI एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़े 1 करोड़ से ज्यादा कीमत के आधुनिक ड्रोन

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के ड्रोन पकड़े हैं। यह घटना 25 सितंबर 2026 की है जब हांगकांग से वियतनाम के रास्ते आए तीन भारतीय यात्रियों को रोका गया। कस्टम अधिकारियों ने 10 प्रोफेशनल-ग्रेड ड्रोन और अन्य सामान जब्त किया जिसकी कुल कीमत 1.03 करोड़ रुपये से अधिक है। यह यात्री टर्मिनल 3 पर ग्रीन चैनल से बिना सामान की घोषणा किए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। पूछताछ के दौरान यात्रियों ने स्वीकार किया कि वे इन सामानों को किसी दोस्त के लिए आयात कर रहे थे।
जब्त किए गए उपकरणों की पूरी सूची
चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा किए गए पेशेवर मूल्यांकन से पता चला कि जब्त की गई वस्तुएं रक्षा-ग्रेड मानव रहित हवाई वाहन (UAV) हैं। इन ड्रोन में थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज-फाइंडर की खूबियां हैं। अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए सामान के पूरे स्टॉक में 10 ऑutel रोबोटिक्स MDX-1 ड्रोन, 11 रिमोट कंट्रोलर, 10 AC/DC एडेप्टर, 10 USB चार्जर, 20 डेटा केबल, 60 प्रोपेलर, 10 कैमरा-युक्त गिम्बल और 512GB स्टोरेज वाला एक iPhone 18 प्रो मैक्स शामिल है।
कस्टम अधिनियम के तहत जब्ती और सुरक्षा नियम
सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110(1) के तहत अधिकारियों ने सभी सामान को जब्त कर लिया है। यह आयात अवैध था क्योंकि यात्रियों ने सामान की घोषणा नहीं की थी और आवश्यक सीमा शुल्क का भुगतान नहीं किया था। अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ऐसे पेशेवर-ग्रेड UAV के लिए सख्त पंजीकरण अनिवार्य करता है।
IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षा और जांच
यह घटना IGI एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई सुरक्षा के बीच सामने आई है जहां दिल्ली पुलिस ने पहले ही विमानन सुरक्षा और संभावित सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए ड्रोन और लेजर उपकरणों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के लिए धारा 144 लागू की है। इस पूरे मामले की आगे की जांच अभी जारी है ताकि यह पता चल सके कि इस अभियान का दायरा कितना बड़ा था और इसमें अन्य कौन लोग शामिल थे।