IGI एयरपोर्ट का मेगा प्लान: 2030 तक 12.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की तैयारी

देश की राजधानी का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट जल्द ही एक नए और विशाल रूप में नजर आएगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने एक महत्वाकांक्षी विस्तार योजना तैयार की है, जिसके तहत एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता को वर्तमान के 10.4-10.6 करोड़ से बढ़ाकर 2030 तक 12.5 करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का मकसद दिल्ली को वैश्विक विमानन मानचित्र पर एक प्रमुख हब के रूप में और मजबूत करना है।
इस पूरे विस्तार कार्य को चरणों में पूरा किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य है कि अप्रैल 2030 तक क्षमता को 11.6 करोड़ तक पहुँचाया जाए और उसके बाद 2032 तक इसे और आगे बढ़ाया जाए। इस पूरी योजना का सबसे अहम हिस्सा टर्मिनल 3 (T3) का विस्तार है, जहाँ एक नया इंटरनेशनल 'पियर E' बनाया जाएगा। इस नए निर्माण से T3 की क्षमता 5 करोड़ से बढ़कर 6.6 करोड़ यात्री सालाना हो जाएगी। विस्तार के बाद यह टर्मिनल साल भर में लगभग 4.6 करोड़ अंतरराष्ट्रीय और 2 करोड़ घरेलू यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
टर्मिनल 1 में बदलाव और ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
सिर्फ T3 ही नहीं, बल्कि टर्मिनल 1 (T1) की क्षमता को भी 4 करोड़ से बढ़ाकर 4.5 करोड़ यात्री सालाना किया जाएगा। खास बात यह है कि इसके लिए किसी बड़े ढांचागत बदलाव की जरूरत नहीं होगी, बल्कि अतिरिक्त चेक-इन और सुरक्षा काउंटरों के जरिए इसे मुमकिन बनाया जाएगा। वहीं, टर्मिनल 2 फिलहाल अपनी मौजूदा स्थिति में ही रहेगा, लेकिन भविष्य में मांग के आधार पर इसे हटाकर एक बड़ा टर्मिनल 4 (T4) बनाने की संभावना तलाशी जा रही है।
एयरपोर्ट के अंदर की सुविधाओं के साथ-साथ बाहर की सड़कों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) वर्तमान में महराम नगर स्थित NSG चौक पर एक Y-शेप्ड फ्लाईओवर की व्यवहार्यता (feasibility) की जांच कर रहा है। यह फ्लाईओवर NSG, महराम नगर और द्वारका रोड को जोड़कर T1 के पास ट्रैफिक के दबाव को कम करेगा। इसके अलावा, T3 की ओर जाने वाली सड़क की चौड़ाई दोगुनी करने और रनवे के नीचे से गुजरने वाली टनल का विस्तार करने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।