भारतीय कैंसर सोसायटी की मांग, छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बढ़ाई जाए कैंसर देखभाल सेवाएं

नई दिल्ली। भारतीय कैंसर सोसायटी (ICS) ने देश के टियर 2, टियर 3, टियर 4 शहरों और ग्रामीण इलाकों में कैंसर देखभाल सेवाओं का विस्तार करने की जोरदार मांग की है। दिल्ली में आयोजित आईसीएस के वार्षिक सेमिनार में यह बात सामने आई कि जिला अस्पतालों को कैंसर की जांच, शुरुआती पहचान, शुरुआती देखभाल और विशेष केंद्रों पर रेफर करने के लिए मजबूत भूमिका निभानी चाहिए। इस सेमिनार में सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, ऑन्कोलॉजिस्ट, अस्पताल के प्रतिनिधियों, बीमा और फार्मास्यूटिकल उद्योग के पेशेवरों ने हिस्सा लिया।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि स्वास्थ्य सेवा सभी के लिए सुलभ, उपलब्ध और किफायती होनी चाहिए। कैंसर के इलाज को किफायती बनाने का सबसे प्रभावी तरीका बीमारी का शुरुआती दौर में पता लगाना है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में केवल लगभग 5% जिला अस्पतालों में कैंसर उपचार सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं, लगभग 70% कैंसर रोगी ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, जो यह दर्शाता है कि मरीजों के घर के पास स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को मजबूत करना कितना जरूरी है।
आईसीएस की अध्यक्ष ज्योत्सना गोविल ने बताया कि संगठन पिछले 75 वर्षों से कैंसर रोगियों के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य कैंसर की देखभाल को अधिक से अधिक किफायती बनाना रहा है। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे एक बेहतर और जुड़ी हुई व्यवस्था काम कर सकती है। आईसीएमआर-एनआईसीपीआर के पूर्व निदेशक रवि मल्होत्रा ने कहा कि बुनियादी निदान और शुरुआती कैंसर देखभाल मरीजों के पास उपलब्ध होनी चाहिए। सर गंगा राम अस्पताल के डॉ. चिंतामणि ने कहा कि आयुष्मान भारत पीएम-जॉ के विस्तार से छोटे शहरों में भी कैंसर देखभाल सुविधाएं मिल रही हैं।
जीएसके फार्मास्युटिकल लिमिटेड के विनय सुब्रह्मण्यन ने कहा कि परिवारों के लिए कुल खर्च का लगभग 60% हिस्सा यात्रा, भोजन और अन्य खर्चों में जा सकता है। वित्तीय सुरक्षा और बीमा कवरेज आर्थिक बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के डॉ. पीएन अरोड़ा ने बीमा और स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। सेमिनार का आयोजन भारतीय कैंसर सोसायटी की 75वीं वर्षगांठ के जश्न के हिस्से के रूप में किया गया था।