दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: IAS अधिकारी उदय प्रकाश राय गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Kittu Kumari20 August 20262 min read79 viewsDelhi Local
दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: IAS अधिकारी उदय प्रकाश राय गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

दिल्ली सरकार की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदय प्रकाश राय को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है। बुधवार, 19 अगस्त 2026 को दिल्ली की एक अदालत ने उदय प्रकाश राय, पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन और तीन अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में कुल छह लोगों पर कार्रवाई की गई है, जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

  • IAS अधिकारी और पूर्व DJB CEO उदय प्रकाश राय की गिरफ्तारी ACB द्वारा की गई है।
  • पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित पांच अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
  • DJB के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
  • जांच में AN Enterprises से उदय प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में लगभग ₹1.52 करोड़ के मनी ट्रेल का खुलासा हुआ है।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और कोर्ट का आदेश

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गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में DJB के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, M/s AN Enterprises के मालिक नागेंद्र यादव, M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुर्रा और M/s Srijanhar के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं। बाकी सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इसके अलावा, अदालत ने सत्येंद्र जैन के वकील द्वारा दायर जमानत याचिका पर ACB को नोटिस जारी किया है।

भ्रष्टाचार और टेंडर में हेरफेर के आरोप

यह जांच 11 मई 2024 को दर्ज FIR पर आधारित है, जो विजीलेंस निदेशालय की शिकायत और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के बाद शुरू की गई थी। ACB का आरोप है कि Euroteck Environment Pvt. Ltd. को फायदा पहुंचाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर की शर्तों में हेरफेर की गई थी, जिसमें आवश्यक पैमानों को हटाकर प्रतिबंधात्मक तकनीकी विनिर्देश जोड़े गए थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि AN Enterprises से धन को उदय प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया गया, जिसका उपयोग अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से पुष्टि होती है कि सरकारी कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच टेंडर नोटिस में बदलाव करने के लिए बातचीत हुई थी।

लागू धाराएं और कानूनी कार्रवाई

आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7A, 9 और 13 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 418 ( wrongful loss की जानकारी के साथ धोखाधड़ी) और 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए Delhi Jal Board Scam की रिपोर्ट देखी जा सकती है।

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