IAF का आधुनिकीकरण सही दिशा में, लेकिन रफ्तार और बढ़ानी होगी: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsNational
IAF का आधुनिकीकरण सही दिशा में, लेकिन रफ्तार और बढ़ानी होगी: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

भारतीय वायु सेना (IAF) अपनी पुरानी कार्यप्रणाली को बदलकर अब एक ऐसी ताकत बन रही है जो केवल प्लेटफॉर्म्स पर नहीं, बल्कि क्षमताओं और एकीकरण (integration) पर केंद्रित है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्पष्ट किया है कि वायु सेना का यह बदलाव सही दिशा में जा रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस प्रक्रिया की गति को और तेज किया जा सकता है।

सुब्रोतो पार्क स्थित एयर फोर्स ऑडिटोरियम में वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में एयर चीफ ने सेना के आधुनिकीकरण और क्षमता विकास कार्यक्रमों का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि हाल के परिचालन अनुभवों से यह साबित हुआ है कि वायु सेना सही रास्ते पर है। वर्तमान में एयर डिफेंस भारतीय आसमान को सुरक्षित रख रहा है, जबकि लॉन्ग-रेंज वेक्टर्स का इस्तेमाल दुश्मन के कमांड सेंटर्स और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

LCA Mk1A और अन्य हथियारों की खरीद पर अपडेट

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वायु सेना के बेड़े में शामिल होने वाले विमानों को लेकर एयर चीफ ने कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि 180 LCA Mk1A विमानों के अनुबंध को लेकर वायु सेना लगातार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के संपर्क में है। देरी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है और अब आगे का रास्ता तय कर लिया गया है। एयर चीफ ने भरोसा जताया कि इस वित्तीय वर्ष में विमानों की एक 'दिखने योग्य संख्या' (visible number) वायु सेना को मिल जाएगी।

इसके अलावा, उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की प्रगति के बारे में भी बताया:

  • MRFA और अन्य विमान: 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA), मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर्स की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इनमें से कुछ अनुबंध इसी वित्तीय वर्ष में साइन हो सकते हैं।
  • C-295 प्रोग्राम: विदेश से 16 विमान मिल चुके हैं, जबकि बाकी 40 भारत में बनाए जाएंगे। भारत में बनने वाला पहला विमान प्रोडक्शन टेस्टिंग में जा चुका है।
  • AWACS: छह AWACS Mk1A विमानों के लिए अनुबंध बातचीत के चरण में है, जबकि AWACS Mk2 का अनुबंध साइन हो चुका है और मॉडिफिकेशन का काम शुरू हो गया है।
  • ड्रोन तकनीक: हाई-एल्टीट्यूड (HALE) और मीडियम-एल्टीट्यूड (MALE) RPAs के प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और UCAVs के डिजाइन पर भी काम चल रहा है।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जोर देकर कहा कि वायु सेना अब निजी क्षेत्र और छोटे उद्योगों के साथ मिलकर डिजाइन और विकास के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि खरीद और विकास की प्रक्रियाओं में कुछ बाधाएं हैं, जिन्हें दूर कर रफ्तार बढ़ाई जा सकती है ताकि देश की हवाई सुरक्षा और भी अभेद्य हो सके।

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