AMCA प्रोजेक्ट में देरी हुई तो रूस के Su 57 फाइटर जेट खरीद सकती है वायुसेना: एयर चीफ मार्शल

भारतीय वायु सेना अपने बेड़े को मजबूत करने के लिए हर संभव विकल्प तलाश रही है। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने संकेत दिया है कि अगर स्वदेशी 'एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (AMCA) प्रोग्राम में किसी वजह से देरी होती है, तो भारत रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su 57 फाइटर जेट की ओर रुख कर सकता है। एयर चीफ ने पुष्टि की कि रूस ने भारत को यह विमान ऑफर किया है, हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
नई दिल्ली में वायु सेना दिवस से पहले आयोजित एक वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर चीफ ने अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि वायु सेना का लक्ष्य अपने विमानों की संख्या को बनाए रखना है, जिसके लिए हर साल करीब 36 से 40 नए विमानों के शामिल होने की जरूरत है। इसका मतलब है कि बेड़े में गिरावट को रोकने के लिए हर साल कम से कम दो फाइटर स्क्वाड्रन जोड़ने होंगे।
स्वदेशी AMCA पर है प्राथमिकता, लेकिन विकल्प खुले हैं
भारत सरकार की पहली प्राथमिकता पूरी तरह से स्वदेशी AMCA मॉडल को विकसित करने की है, जिसे DRDO की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी संभाल रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मई 2025 में इस प्रोग्राम के एग्जीक्यूशन मॉडल को मंजूरी दी थी। फिलहाल, इस प्रोजेक्ट के लिए एक डेवलपमेंट पार्टनर का चयन किया जाना बाकी है, जिसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो और भारत फोर्ज जैसे निजी समूह शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
वायु सेना की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो फिलहाल करीब 30 फाइटर स्क्वाड्रन उपलब्ध हैं, जबकि जरूरत 42 की है। इस अंतर को पाटने के लिए भारत कई मोर्चों पर काम कर रहा है:
- तेजस Mk1A: HAL को सालाना 24 यूनिट बनाने का लक्ष्य दिया गया है, बशर्ते इंजन की सप्लाई समय पर मिले।
- राफेल डील: फ्रांस के साथ 114 राफेल विमानों की खरीद के लिए बातचीत जारी है, जिसे चालू वित्त वर्ष में पूरा करने की उम्मीद है।
- Su 57: इसे एक 'स्टॉपगैप' या वैकल्पिक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, यदि स्वदेशी प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता।
कुल मिलाकर, भारतीय वायु सेना की रणनीति अब इस बात पर टिकी है कि औद्योगिक स्तर पर विमानों की डिलीवरी कितनी तेजी से होती है। अगर अक्टूबर के अंत तक AMCA के लिए पार्टनर का चयन हो जाता है और प्रोजेक्ट सही समय पर आगे बढ़ता है, तो विदेशी पांचवीं पीढ़ी के विमानों की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन अगर समय सीमा आगे खिसकी, तो Su 57 जैसे विकल्प मेज पर रहेंगे।