IAF चीफ चेंज: एपी सिंह ने वॉर मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि, आशुतोष दीक्षित संभालेंगे कमान
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को कमान सौंपी।

भारतीय वायु सेना में आज एक बड़ा बदलाव हुआ है। निवर्तमान वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अपनी विदाई से पहले नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुष्पचक्र चढ़ाया। इसके साथ ही उन्होंने वायु सेना की कमान एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को सौंप दी है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 25 महीनों के कार्यकाल के बाद आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
उनकी विदाई को बेहद गरिमामय बनाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आयोजित विदाई समारोह सहित अब तक उन्हें तीन आधिकारिक विदाई मिल चुकी हैं। उनके कार्यकाल का अंतिम दिन शनिवार को एक औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ समाप्त हुआ, जो उनके सैन्य करियर के शानदार सफर का प्रतीक रहा।
स्वदेशी विमानों को बढ़ावा देंगे नए चीफ आशुतोष दीक्षित
अब भारतीय वायु सेना की बागडोर एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में है। उन्हें विशेष रूप से स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स, जैसे कि एलसीए (LCA) तेजस और अन्य घरेलू विमान परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को और अधिक मजबूती मिलेगी।
एयर मार्शल दीक्षित का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है:
- उड़ान अनुभव: उन्होंने 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है।
- कमांड अनुभव: उन्होंने नंबर 9 स्क्वाड्रन को मिराज-2000 विमानों से लैस किया और पश्चिमी व दक्षिणी सेक्टर के महत्वपूर्ण फाइटर एयर बेस की कमान संभाली।
- शिक्षा: वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
- सम्मान: उन्हें वायु सेना पदक (2006), विशिष्ट सेवा पदक (2011), अति विशिष्ट सेवा पदक (2023) और परम विशिष्ट सेवा पदक (2026) जैसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
वायु सेना मुख्यालय (वायु भवन) में असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स और प्लान्स) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहने के कारण उन्हें वायु सेना की रणनीतिक और परिचालन बारीकियों का गहरा अनुभव है।