दिवाली रश: लंबी दूरी की बसों को प्राथमिकता, मंडी में स्थानीय यात्री परेशान
दिवाली की भीड़ के कारण HRTC ने लंबी दूरी की बसों को प्राथमिकता दी, जिससे मंडी जिले के स्थानीय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हिमाचल प्रदेश में दिवाली के त्योहार के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) ने लंबी दूरी की सेवाओं पर जोर दिया है। लेकिन इस फैसले का सीधा असर मंडी जिले की स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। जोगिंदरनगर, पडहर, सहल, डांग और कुन्नू जैसे इलाकों में स्थानीय बस सेवाओं में भारी कटौती हुई है, जिससे आम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों पर बसों की कमी के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों को बस स्टैंडों पर घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात इतने खराब थे कि मजबूरी में यात्रियों को 30 से 40 किलोमीटर के सफर के लिए खचाखच भरी निजी बसों का सहारा लेना पड़ा या फिर महंगे निजी टैक्सियों से यात्रा करनी पड़ी।
त्योहारी भीड़ के लिए 266 स्पेशल बसें तैनात
HRTC ने दिवाली के रश को मैनेज करने के लिए 6 और 7 नवंबर को कुल 266 स्पेशल बसें चलाने का फैसला किया था। इनमें से 6 नवंबर को 134 बसें चलाई गईं, जिनमें दिल्ली से 42, चंडीगढ़ से 69 और बद्दी से 23 बसें शामिल थीं। वहीं 7 नवंबर के लिए भी 132 बसों का इंतजाम किया गया था। जोगिंदरनगर बस डिपो के कार्यवाहक प्रबंधक शशांक ने बताया कि प्रबंधन ने कोशिश की कि ड्राइवरों और कंडक्टरों को उनके गृह क्षेत्रों के रूट दिए जाएं ताकि वे त्योहार पर अपने परिवार के साथ समय बिता सकें।
परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई, HRTC ने घोषणा की है कि 8 नवंबर की शाम 5:00 बजे से 9 नवंबर की सुबह 8:00 बजे तक सभी स्थानीय बस सेवाएं निलंबित रहेंगी। इस दौरान केवल कुछ प्रमुख लंबी दूरी के रूट जैसे दिल्ली से शिमला, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी और चंबा के लिए एक-एक बस सेवा चालू रहेगी, ताकि लंबी दूरी के यात्रियों की मदद की जा सके।