हिसार भाजपा में डैमेज कंट्रोल: सामूहिक इस्तीफे का संकट टला, बागी मंडल अध्यक्षों को मनाया गया

हिसार भाजपा में 11 मंडल अध्यक्षों के सामूहिक इस्तीफों से उपजे संगठनात्मक संकट पर फिलहाल विराम लग गया है। हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष एवं हिसार जिला प्रभारी जवाहर सैनी की पहल पर मंगलवार को हुए डैमेज कंट्रोल अभियान के दौरान नाराज मंडल अध्यक्षों को मना लिया गया। इसमें विधायक रणधीर पनिहार व डॉ. कमल गुप्ता की भी अहम भूमिका रही। इसके बाद पार्टी नेताओं और मंडल अध्यक्षों ने एक साथ बैठक की, चाय-नाश्ता किया, लड्डू खिलाए गए और सामूहिक फोटो सेशन के साथ भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए।
जिला प्रभारी के पहुंचने पर हुई बैठक
जिला प्रभारी जवाहर सैनी मंगलवार शाम अचानक हिसार पहुंचे और सबसे पहले मंडल अध्यक्षों से एक-एक कर बातचीत कर उनकी नाराजगी और शिकायतें सुनीं। इसके बाद जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना की मौजूदगी में करीब 15 मिनट तक संयुक्त बैठक हुई। बैठक में 13 में से 10 मंडल अध्यक्ष शामिल हुए, जबकि उकलाना के विनोद कुमार, अग्रोहा के मोहन लाल और स्याहड़ा के बजलीत फोगाट उपस्थित नहीं रहे।
पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष का बयान
बैठक के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने कहा कि भाजपा में किसी प्रकार की बगावत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी एक परिवार है और सभी कार्यकर्ता उसके अभिन्न अंग हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस इस्तीफा पत्र की चर्चा हो रही है, वह मंडल अध्यक्षों द्वारा जारी नहीं किया गया। यह पत्र किसने जारी किया, इसकी संगठन स्तर पर जांच कराई जाएगी। एफआईआर के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह संगठन का आंतरिक विषय है और इसकी जांच पार्टी स्तर पर ही होगी।
रणधीर पनिहार और कमल गुप्ता की अहम भूमिका
सूत्रों के अनुसार, बैठक से पहले मंडल अध्यक्षों को साथ लाने के लिए विधायक रणधीर पनिहार और पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहल के बाद अधिकांश नाराज मंडल अध्यक्ष बैठक में शामिल हुए और संगठनात्मक विवाद को सुलझाने की दिशा में सहमति बनी। इससे पहले हिसार भाजपा के 13 में से 11 मंडल अध्यक्षों ने जिलाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सामूहिक इस्तीफा दिया था। मंडल अध्यक्षों ने संगठन में संवाद की कमी, एकतरफा निर्णय और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा जैसे आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को शिकायत सौंपते हुए तीन मंडल अध्यक्षों को बिना नोटिस पदमुक्त किए जाने पर भी नाराजगी जताई थी। हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर