चुनाव गड़बड़ियों पर दिल्ली में हिमाचल कांग्रेस का हल्लाबोल, INDIA गठबंधन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली के हिमाचल भवन पर सोमवार को माहौल काफी गरमाया रहा, जब हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था, जिन पर मतदाता सूची के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया।
यह प्रदर्शन केवल हिमाचल कांग्रेस तक सीमित नहीं था, बल्कि इसी समय INDIA गठबंधन के अन्य नेता भी सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच कर रहे थे। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि देश में 'वोट चोरी' की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका दावा है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया के कारण करीब 13 करोड़ मतदाताओं के अधिकार छिन सकते हैं।
विपक्ष की तीन मुख्य मांगें और कानूनी लड़ाई
विपक्षी गठबंधन ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली मांग यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। दूसरी मांग SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की है और तीसरी मांग यह है कि राष्ट्रीय चुनावों में एक बार फिर से पेपर बैलेट (कागजी मतपत्रों) का इस्तेमाल शुरू किया जाए।
प्रदर्शन में शामिल हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना मनमाने ढंग से फैसले ले रहे हैं। गौरतलब है कि INDIA गठबंधन ने 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत से मिलने की कोशिश की, लेकिन CJI ने मुलाकात से इनकार करते हुए विपक्ष को औपचारिक याचिका दायर करने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही 5 अक्टूबर को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को CEC कुमार की निर्णय प्रक्रिया के संबंध में नोटिस जारी किया था। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और कुछ मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच को सीमित कर दिया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।