बुलिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्कूलों में अब बनानी होगी एंटी-बुलिंग कमेटी

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूलों में बुलिंग और उत्पीड़न रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल और आंतरिक समितियां बनाने का आदेश दिया है।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsNCR
बुलिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्कूलों में अब बनानी होगी एंटी-बुलिंग कमेटी

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूलों में छात्रों के साथ होने वाले उत्पीड़न और बुलिंग को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों को अब स्कूलों में एंटी-बुलिंग प्रोटोकॉल लागू करना होगा, ताकि जेंडर पहचान और यौन रुझान के आधार पर होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न को रोका जा सके।

यह आदेश जस्टिस मनीषा बत्रा की बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी संबद्ध संस्थानों में तीन महीने के भीतर ऐसी आंतरिक समितियां बनाई जाएं, जो इस तरह की शिकायतों का निपटारा कर सकें।

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यह पूरा मामला फरीदाबाद के एक नामी स्कूल के 16 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के बाद सामने आया। छात्र की मां आरती मल्होत्रा ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके बेटे को उसकी पसंद और व्यवहार के कारण सालों तक शारीरिक, मौखिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। याचिका में यह बात भी कही गई कि मां और एक क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट द्वारा बच्चे की बिगड़ती मानसिक स्थिति के बारे में चेतावनी देने के बावजूद, स्कूल प्रशासन और हेडमिस्ट्रेस ने इस मामले में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और 2021 की स्कूल सुरक्षा गाइडलाइंस के बावजूद, जमीनी स्तर पर इन नियमों की अक्सर अनदेखी की जाती है। सीबीएसई ने खुद को इस मामले से अलग रखने की कोशिश की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि एक नियामक संस्था होने के नाते सीबीएसई की यह जिम्मेदारी है कि वह स्कूलों की वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट की बारीकी से जांच करे।

अब नए नियमों के तहत, स्कूलों को सभी शिकायतों का निपटारा तुरंत और पूरी गोपनीयता के साथ करना होगा। साथ ही, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यदि कोई शिकायत किसी गंभीर या संज्ञेय अपराध (cognizable offense) से जुड़ी है, तो उसे कानून के मुताबिक तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।

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