हेली मंडी से रामपुर सड़क के गड्ढे भरने का काम शुरू, खबर के असर के बाद प्रशासन ने उठाया कदम

Kittu Kumari17 August 20262 min read106 viewsNCR
हेली मंडी से रामपुर सड़क के गड्ढे भरने का काम शुरू, खबर के असर के बाद प्रशासन ने उठाया कदम

पटौदी जाटोली मंडी परिषद के पुराना हेली मंडी रामपुर गेट से गांव रामपुर तक सड़क मार्ग के खड्डों को समतल करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस सड़क की जर्जर हालत और लोगों की परेशानी को लेकर 9 जुलाई को विभिन्न समाचार पत्रों में "सड़क बनेगी जब बनेगी, लेकिन इसके गड्ढे तो भरवा दो" शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद अब प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है। यह सड़क लगभग एक दशक से अधिक समय से मजबूत तरीके से बनाए जाने के इंतजार में है और इसके सुधारीकरण के लिए भाजपा शासन काल में दो अलग-अलग विधायकों द्वारा शिलान्यास पट्टिका भी रखी जा चुकी है।

सड़क की जर्जर हालत और एनओसी की प्रक्रिया

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पटौदी जाटोली मंडी परिषद चुनाव में हेली मंडी से रामपुर और हेली मंडी से मिर्जापुर सड़क मार्ग की जर्जर हालत बड़ा चुनावी मुद्दा बनी थी। सड़क मार्केट कमेटी प्रशासन के अधीन होने और पार्षदों के चुनावी वादों के कारण मामला पेचीदा हो गया था, जिसके बाद एनओसी की औपचारिकता पूरी की गई। फरवरी महीने से लेकर अब तक परिषद हाउस में पार्षदों द्वारा सड़क निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए जा चुके हैं। यह सड़क पटौदी क्षेत्र के लगभग 20 गांव का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और हेली मंडी से रामपुर तथा मिर्जापुर स्मार्ट रोड बनाया जाना प्रस्तावित है।

मानसून के दौरान बढ़े हादसे और प्रशासनिक कार्रवाई

9 जुलाई को प्रकाशित समाचार के समय यह दावा किया गया था कि सड़क की फाइल एफ एंड सीसी से अप्रूवल के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में मंजूरी और लागत बजट के विषय में पहुंच गई है। इसी बीच मानसून सक्रिय होने से हेलीमंडी से रामपुर के बीच एक दर्जन से अधिक गहरे और खतरनाक खड्ड बन गए थे, और बरसाती पानी भरने से प्रतिदिन एक्सीडेंट होना आम बात हो गई थी। 15 अगस्त के बाद खतरनाक खड्डों पर मलवा डालकर समतल बनाने का काम शुरू किया गया है।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आगे की प्रक्रिया

सड़क पर मलवा डालकर समतल किए जाने के कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर सिस्टम की खूब ट्रोलिंग हो रही है। लोगों का कहना है कि खड्डों में कच्चा-पक्का मलवा डाला जा रहा है जो मामूली बरसात में वाहन चालकों के लिए जी का जंजाल बन सकता है। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाले इन स्मार्ट सड़क मार्गों की फाइल चंडीगढ़ से कब फाइनल होगी और कब टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे, इसे लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है।

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