Delhi Rains: भारी बारिश से दिल्ली-NCR में जलभराव, किराड़ी समेत कई इलाकों में बुरा हाल

28 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने पहले ऑरेंज और फिर रेड अलर्ट जारी किया था।
• किराड़ी और आउटर दिल्ली में सबसे ज्यादा जलभराव।
• Connaught Place, ITO, Minto Bridge, पंजाबी बाग और वसंत विहार जैसे इलाकों में पानी भरा।
• ट्रैफिक पुलिस ने 169 जलभराव वाले 'Hotspots' की पहचान की।
• दिल्ली सरकार की ओर से जल निकासी के लिए विशेष टीमें तैनात।
किराड़ी में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
आउटर दिल्ली का किराड़ी इलाका इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहाँ की सड़कों पर पानी जमा होने के कारण गाड़ियां फंस गईं और ट्रैफिक की गति धीमी हो गई। निचले इलाकों में पानी भरने से स्थानीय निवासियों को आवाजाही में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा, दिल्ली के अन्य प्रमुख इलाकों जैसे संगम विहार, बुराड़ी, सीलमपुर, शास्त्री पार्क और शिव विहार में भी सड़कों पर पानी जमा रहा, जिससे वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा।
प्रशासनिक तैयारी और राहत कार्य
स्थिति को संभालने के लिए NDMC के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि उनकी टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पानी निकालने का काम कर रही हैं। सभी पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता के साथ चालू हैं ताकि जलभराव को कम किया जा सके। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 169 ऐसे 'Hotspots' को चिन्हित किया है जहां जलभराव की समस्या ज्यादा है। PWD और दिल्ली पुलिस मिलकर Minto Underpass समेत अन्य जगहों पर ट्रैफिक डायवर्ट करने और पानी निकालने का काम कर रहे हैं।
किराड़ी के लिए स्थायी समाधान की योजना
किराड़ी में जलभराव की समस्या पुरानी है, जिसके समाधान के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना तैयार की है। PWD और जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने जनवरी 2026 में इसके स्थायी समाधान का वादा किया था। मुंडका हॉल्ट रेलवे स्टेशन से नजफगढ़ तक 4.5 किलोमीटर लंबा ड्रेन बनाने के लिए 220.93 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। यह ड्रेन 1,520 एकड़ के कैचमेंट एरिया का पानी निकालने में सक्षम होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे इस 'Drainage Master Plan' के तहत किराड़ी, मुंडका और नरेला जैसे इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका काम 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।