भारी बारिश से दिल्ली-NCR में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, सड़कों पर जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम

दिल्ली-NCR में 8 अगस्त 2026 को रातभर हुई भारी बारिश के बाद बड़े पैमाने पर जलभराव और गंभीर ट्रैफिक व्यवधान देखने को मिला, जिससे क्षेत्र का 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया। गुरुग्राम में मुख्य सड़कें जैसे दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) के नरसिंहपुर और इफ्को चौक जैसे इलाकों में 2 से 3 फीट पानी भर गया। इसी तरह दिल्ली का आईटीओ और कई अंडरपास गंभीर रूप से प्रभावित हुए, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी भारी जलभराव और धीमे ट्रैफिक की रिपोर्ट मिली। 8 अगस्त को सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 2024 के बाद से अगस्त में एक दिन की सबसे अधिक बारिश है। अगस्त के पहले आठ दिनों में ही लगभग पूरे महीने की औसत बारिश दर्ज हो गई, जो औसत 233.1 मिमी के मुकाबले कुल 225.7 मिमी रही।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा और फरीदाबाद में घटनाएं
भारी मानसूनी बारिश के कारण हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से कालिंदी कुंज-ओखला बैराज के पास यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर लगभग 204 मीटर पहुंच गया। हालांकि जलस्तर अभी भी 205.33 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन नदी स्पष्ट रूप से उफनती हुई दिखाई दी, जिससे अधिकारियों को ओखला बैराज के चार गेट पूरी तरह और पांचवां गेट आंशिक रूप से खोलना पड़ा। फरीदाबाद में, जहां 7 अगस्त को नौ घंटे में 62.5 मिमी बारिश हुई, एक 60 वर्षीय ड्राइवर को बचाया गया जब उसकी फॉर्च्यूनर ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में फंस गई। इसके अलावा दिल्ली-NCR की सीमाओं पर चल रही कांवड़ यात्रा के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई।
प्रशासन की चेतावनी और ट्रैफिक एडवाइजरी
बिगड़ती स्थिति के जवाब में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें 10 अगस्त तक दिल्ली-NCR के लिए 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान जताया गया। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने निजी और कॉर्पोरेट कार्यालयों को 8 अगस्त को 'वर्क फ्रॉम होम' लागू करने की सलाह दी। साथ ही गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने कांवड़ यात्रा के कारण 9 से 11 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए द्वारका और KMP एक्सप्रेसवे के जरिए रूट डायवर्जन करते हुए एक एडवाइजरी जारी की। इसके अलावा NH-48 और एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।