दिल्ली-NCR में भारी बारिश का कहर: सड़कों पर भरा पानी, ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल

दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में रविवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सोमवार सुबह तक आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। दिल्ली NCR भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को ऑफिस पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह 6 से 9 बजे के बीच दिल्ली के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया था, जिसमें 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। वहीं, हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और सोनीपत सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया था। बारिश का असर इस कदर था कि महिपालपुर फ्लाईओवर और झंडेवालन मंदिर के पास भारी जलभराव देखा गया।
मौसम की मार के साथ-साथ शहर में ट्रैफिक की समस्या और बढ़ गई क्योंकि जंतर मंतर से सुप्रीम कोर्ट तक एक विरोध मार्च निकाला जा रहा था। सुरक्षा कारणों से मध्य दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच को भी सीमित कर दिया गया। हवाई सफर करने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, जहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब मौसम की वजह से करीब 15 उड़ानों में देरी हुई।
प्रशासन की तैयारी और इमरजेंसी हेल्पलाइन
इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने पहले ही तैयारी की थी। जुलाई 2026 में सभी 13 जिलों में जिला स्तरीय समन्वय समितियां बनाई गई थीं। शहर के बाढ़ नियंत्रण प्लान के तहत 243 पंप और 41 नावें तैनात की गई हैं और कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहे हैं। PWD, MCD, NDMC और दिल्ली जल बोर्ड जैसी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
सरकार ने नागरिकों की मदद के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- जलभराव के लिए: 1880010093
- पुलिस: 100/112
- फायर सर्विस: 101
- एम्बुलेंस: 102
- आपदा प्रबंधन: 107
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक कोई बड़ी बारिश होने की संभावना नहीं है, हालांकि आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें और कमजोर ढांचों या पेड़ों के नीचे शरण न लें।