Hearzap ने Amplifon India का अधिग्रहण किया, अब देश भर में फैलाएगा अपना नेटवर्क
Hearzap ने Amplifon India के बिजनेस को खरीदकर देश भर में अपने केंद्रों की संख्या 420 तक पहुँचा दी है। जानें विस्तार की पूरी योजना।

भारत के ऑर्गेनाइज्ड हियरिंग केयर सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Hearing Solutions Private Limited द्वारा संचालित Hearzap acquisition Amplifon India की प्रक्रिया अब पूरी तरह संपन्न हो चुकी है। इस रणनीतिक कदम के जरिए Hearzap ने देश के सुनने की देखभाल (hearing healthcare) बाजार में अपनी पकड़ को काफी मजबूत कर लिया है। इस पूरे सौदे में प्रमुख भारतीय प्राइवेट इक्विटी निवेशक 360 ONE Asset Management ने अहम भूमिका निभाई है।
मिलान स्थित ग्लोबल हियरिंग केयर ग्रुप, Amplifon ने 12 अगस्त 2026 को इस अधिग्रहण की पुष्टि की। मई 2026 में शुरू हुई यह प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है, जिससे Hearzap के नेटवर्क में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इस डील के बाद अब Hearzap के पास देशभर में 420 सेंटर्स का एक विशाल नेटवर्क है, जिसे 1,000 से ज्यादा सर्विस प्रोवाइडर्स संभाल रहे हैं।
2027 तक 500 सेंटर्स का लक्ष्य और AI तकनीक पर जोर
इस अधिग्रहण में Amplifon India के लगभग 240 पॉइंट्स ऑफ सेल शामिल हैं, जिनमें से 115 सीधे तौर पर संचालित किए जा रहे हैं। Hearzap के मैनेजिंग डायरेक्टर राजा एस ने इसे कंपनी के लिए एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से Amplifon की ग्लोबल क्लिनिकल विशेषज्ञता और Hearzap के बढ़ते प्लेटफॉर्म का संगम होगा। कंपनी का लक्ष्य अब 2027 तक अपने नेटवर्क को 500 सेंटर्स तक ले जाने का है।
कंपनी केवल विस्तार ही नहीं, बल्कि तकनीक पर भी ध्यान दे रही है। आने वाले समय में महानगरों के साथ-साथ टियर II और III शहरों में भी पहुंच बढ़ाई जाएगी। साथ ही, AI-आधारित डायग्नोस्टिक्स और टेली-ऑडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
आर्थिक मोर्चे पर देखें तो इस एकीकरण के बाद कंपनी का टॉपलाइन रेवेन्यू 230 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक 250 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2029 तक लगभग 500 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा गया है। अगले 12 महीनों में Amplifon India के ऑपरेशंस को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा, ताकि ग्राहकों और कर्मचारियों को कोई परेशानी न हो। कंपनी भविष्य में ऑडियोलॉजी टैलेंट और रिहैबिलिटेशन सेवाओं पर निवेश बढ़ाएगी।