नूंह में भारी छापेमारी: 7600 किलो नकली पनीर जब्त, दिल्ली-NCR के बाजारों में हो रही थी सप्लाई

Kittu Kumari3 October 20262 min read0 viewsNCR
नूंह में भारी छापेमारी: 7600 किलो नकली पनीर जब्त, दिल्ली-NCR के बाजारों में हो रही थी सप्लाई

सावधान! अगर आप भी दिल्ली-NCR के होटलों या बैंक्वेट हॉल में पनीर का आनंद लेते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। हरियाणा के नूंह जिले में प्रशासन ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए करीब 7,600 किलोग्राम नकली पनीर की जब्ती की है। यह सिंथेटिक पनीर न केवल सेहत के लिए खतरनाक था, बल्कि इसे बड़े पैमाने पर दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और मथुरा जैसे शहरों में सप्लाई किया जा रहा था।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विकास जगलान के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में यूसुफ डेयरी, खालिद-इजराइल डेयरी, पंडित डेयरी और सद्दाम डेयरी समेत कई अवैध यूनिट्स को निशाना बनाया गया। गोंडोला गांव और नई के पास गुड़गांव नहर के किनारे चल रहे इन गुप्त कारखानों में पनीर बनाने के नाम पर रसायनों का ऐसा खेल चल रहा था जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे।

डिटर्जेंट और व्हाइटनर से बन रहा था 'जहरीला' पनीर

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जांच में सामने आया कि इस नकली पनीर को तैयार करने के लिए औद्योगिक ग्रेड के रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसमें ब्लीचिंग एजेंट, कपड़ों को सफेद करने वाला व्हाइटनर, डिटर्जेंट के अवशेष, घटिया स्तर के वनस्पति तेल, रिफाइंड पाम ऑयल, सोयाबीन, सफेद पोस्टर कलर, औद्योगिक स्टार्च और केमिकल इमल्सीफायर मिलाए जा रहे थे। यह पूरा मिश्रण देखने में बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता था, लेकिन असल में यह शरीर के लिए जहर के समान था।

प्रशासन ने इस मिलावटी पनीर को खाद्य श्रृंखला में पहुंचने से रोकने के लिए इसे गहरे गड्ढों में दफनाने का आदेश दिया है। इस पूरी कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वाड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय पुलिस ने मिलकर काम किया।

नूंह के एसपी अर्पित जैन ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही औपचारिक एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह नेटवर्क मेवात क्षेत्र के कटपुरी, रानियाला और शेखपुर जैसे कई इलाकों में फैला हुआ था, जहां से यह माल कैटरिंग किचन और ईटरीज़ तक पहुंचता था। गौरतलब है कि अगस्त 2026 में हरियाणा सरकार ने एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण और बिक्री पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाया था, इसके बावजूद यह काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त मनोज कुमार और नूंह के उपायुक्त अखिल पिलानी ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और ऐसे अवैध नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त होने तक छापेमारी जारी रहेगी।

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