हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने दो महीने के लिए टाली हड़ताल, सरकार से बनी सहमति

हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने अपनी प्रस्तावित तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया है। यह हड़ताल पहले 11 अगस्त 2026 से 13 अगस्त 2026 तक होनी थी। यह फैसला सोमवार, 10 अगस्त 2026 को हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स ज्वाइंट स्ट्रगल फ्रंट के प्रतिनिधियों और हरियाणा सरकार के बीच पांच घंटे से अधिक चली लंबी बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने की, जिसके तहत सरकार को मांगों को लागू करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है।
सरकार और कर्मचारियों के बीच मुख्य समझौते
प्रमुख आश्वासनों के तहत, सरकार एग्रीकल्चर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (DISCOM) के प्रस्तावित लॉन्च को टालने पर सहमत हो गई है और यह गारंटी दी है कि ज्वाइंट स्ट्रगल फ्रंट तथा अन्य हितधारकों से परामर्श किए बिना कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हरियाणा ऊर्जा विभाग नूह और गुरुग्राम के लिए एक प्राइवेट कंपनी के पैरेलल इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस के आवेदन का हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) के समक्ष विरोध करने के लिए भी प्रतिबद्ध हुआ। इसके अलावा, सरकार ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटरिंग योजना के लिए कोई नए टेंडर जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्पों में से चुनने की अनुमति मिलेगी।
अन्य मांगें और बैठक में मौजूद अधिकारी
सरकार ने जूनियर इंजीनियरों के लिए प्रमोशन कोटा 35% से बढ़ाकर 50% करने की मांग की जांच करने और कैडर-स्पेशिफिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसिव (ACP) से जुड़े मुद्दों का समाधान करने का भी वादा किया। पावर कॉरपोरेशन्स में डीसी (DC) दरों पर काम करने वाले कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के समकक्ष दरें मिलेंगी। अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं में खतरनाक ड्यूटी के लिए रिस्क अलाउंस देने के वास्ते एक कमेटी गठित करना, पांच साल की सेवा शर्त के बिना ऑन-ड्यूटी मौतों या दुर्घटनाओं के लिए एक्स-ग्रेशिया लाभ सुनिश्चित करना और लागू नियमों के अनुसार प्रमोशन को सुव्यवस्थित करना शामिल है। इस बैठक में ऊर्जा विभाग की कमिश्नर आशिमा बराड़ और पावर यूटिलिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।