पीएम मोदी के आवास पहुंचे हरियाणा सीएम नायब सैनी और 48 विधायक, अहम बैठक शुरू

दिल्ली के 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास पर शनिवार को हरियाणा की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा के 48 विधायक पीएम मोदी से मिलने पहुंचे हैं। इस मुलाकात को लेकर विधायकों के बीच काफी उत्साह देखा गया, हालांकि बैठक के सटीक एजेंडे का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
मुलाकात से पहले मीडिया से बात करते हुए बीजेपी विधायक विपुल गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलने को लेकर सभी विधायक बेहद खुश और उत्सुक हैं। उन्होंने संकेत दिया कि पीएम मोदी इस दौरान विधायकों से उनके कामकाज का हिसाब मांग सकते हैं। गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री संभवतः यह पूछेंगे कि मंत्रियों और विधायकों के रूप में उन्होंने राज्य और जनता के कल्याण के लिए असल में क्या काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में एसआईआर (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि बैठक के बाद ही होगी।
वहीं, विधायक योगेंद्र राणा ने इसे गर्व का विषय बताया और कहा कि सभी 48 विधायकों को एक साथ प्रधानमंत्री से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने का मौका मिला है। विधायक कृष्ण अहलावत ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने उन्हें बुलाया है, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और वे अपने विचार भी साझा कर सकेंगे।
सीएम सैनी ने साझा किया शासन का विजन
इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी सरकार के कामकाज और शिकायतों के निवारण के तरीके के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के परिवारों की समस्याओं को जानकर उनका समाधान करना है। सीएम सैनी ने जोर देकर कहा कि जब तक नागरिक शिकायत के समाधान से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाता, तब तक उस शिकायत को बंद नहीं माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से एक समानांतर सिस्टम के जरिए शिकायतों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए किसी नागरिक की शिकायत केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि यह जानने का जरिया है कि सरकार की पहुंच आम आदमी तक कितनी है। उनका लक्ष्य मुख्यमंत्री और राज्य की जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह खत्म करना है ताकि हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसकी आवाज सरकार तक पहुंच रही है।