हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने 24 अगस्त 2026 को भारी बारिश के बाद गुड़गांव में हुए गंभीर जलभराव और ट्रैफिक जाम पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे शहरी नियोजन की विफलता बताया है जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। आयोग की यह पूरी जानकारी PTI News के माध्यम से सामने आई है। इस घटना में स्कूल बसें फंस गईं थीं और IFFCO चौक के पास सड़क धंस गई थी।
आयोग ने एक समयबद्ध एकीकृत शहरी जल निकासी और नागरिक बुनियादी ढांचा सुधार योजना अनिवार्य कर दी है। इसमें जल निकासी चैनलों की जीआईएस-आधारित मैपिंग और आईआईटी या एनआईटी जैसे संस्थान से स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा शामिल है। GMDA के सीईओ, डिप्टी कमिश्नर, MCG कमिश्नर और HSVP के प्रशासक को इन प्रयासों का नेतृत्व करने का निर्देश दिया गया है।
आयोग ने हर साल जल निकासी पर 450 से 500 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही है। मानेसर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 250 करोड़ रुपये के नागरिक प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 से वित्त और अनुबंध समिति की बैठक न होने के कारण रुके हुए हैं। MCG ने मार्च 2026 में मानसून की समस्याओं से निपटने के लिए 145 करोड़ रुपये की 35 सड़क परियोजनाओं की घोषणा की थी।