दिल्ली विरोध प्रदर्शन: हार्वर्ड क्लब ऑफ इंडिया ने बयान पर दी सफाई, कहा- यह हमारा आधिकारिक स्टैंड नहीं

नई दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर जारी एक विवादित बयान के बाद अब हार्वर्ड क्लब ऑफ इंडिया ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। क्लब ने साफ तौर पर कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन और उसके बाद हुई गिरफ्तारियों पर दिया गया कोई भी बयान संस्था का आधिकारिक रुख नहीं है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कुछ पूर्व छात्रों (alumni) ने एक पत्र जारी कर पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर अपनी टिप्पणी की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हार्वर्ड क्लब ऑफ इंडिया की कार्यकारी समिति के सदस्य रजत सेठी ने स्पष्ट किया कि कुछ व्यक्तियों ने अपनी मर्जी से यह पत्र जारी किया है, जिसका संस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
संस्था के नियमों का हवाला
रजत सेठी ने एएनआई (ANI) से बात करते हुए कहा कि हार्वर्ड क्लब ऑफ इंडिया का चार्टर और मैंडेट उसे अपनी या हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से कोई भी राजनीतिक बयान जारी करने की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का सम्मान करते हैं, लेकिन इसे संस्थागत प्रतिनिधित्व का विकल्प नहीं माना जा सकता।"
क्लब ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि खुद को हार्वर्ड पूर्व छात्र बताने वाले लोगों का समूह केवल अपने व्यक्तिगत विचार साझा कर रहा था। संस्था ने दोहराया कि उसके उपनियम (bylaws) किसी भी व्यक्ति या समूह को क्लब या यूनिवर्सिटी के नाम पर राजनीतिक स्टैंड लेने का अधिकार नहीं देते।
कुल मिलाकर, हार्वर्ड क्लब ऑफ इंडिया ने यह साफ कर दिया है कि व्यक्तिगत राय और आधिकारिक संस्थागत प्रतिनिधित्व के बीच एक स्पष्ट अंतर होना चाहिए और इस मामले में जारी किया गया पत्र केवल हस्ताक्षर करने वालों के निजी विचार थे।