डिस्लेक्सिया से जूझ रहे बच्चों की जल्द पहचान जरूरी, हर्ष मल्होत्रा ने कर्तव्य पथ पर निकाला जागरूकता मार्च
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कर्तव्य पथ पर मार्च निकालकर डिस्लेक्सिया प्रभावित बच्चों की पहचान और समर्थन की अपील की।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रविवार को कर्तव्य पथ पर एक विशेष मार्च में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिस्लेक्सिया जागरूकता अभियान के जरिए समाज और अभिभावकों को इस स्थिति के प्रति सचेत करना था। मल्होत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चों की पहचान जितनी जल्दी होगी, उन्हें उतना ही बेहतर समर्थन मिल सकेगा।
पूर्व सांसद तरुण विजय के निमंत्रण पर इस मार्च में शामिल हुए हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अक्सर माता-पिता और शिक्षक डिस्लेक्सिया से जूझ रहे बच्चों को कम बुद्धिमान समझने की गलती कर बैठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बच्चे वास्तव में बहुत प्रतिभाशाली होते हैं और उनकी क्षमताएं अद्वितीय होती हैं, बस उन्हें सही दिशा और समझ की जरूरत होती है।
पहचान के लक्षण और शिक्षा तंत्र की भूमिका
मल्होत्रा ने अभिभावकों को आगाह किया कि वे अपने बच्चों के व्यवहार और लिखने के तरीके पर गौर करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि कोई बच्चा अक्षर 'B' को उल्टा लिखता है या गणित के सवालों में अंकों को उल्टा लिख देता है, तो यह डिस्लेक्सिया का लक्षण हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब इसे दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल किया है और सीबीएसई (CBSE) जैसे बोर्ड भी परीक्षाओं के दौरान इन बच्चों के लिए विशेष प्रावधान कर रहे हैं।
उन्होंने अपील की कि केवल सरकारी प्रावधान काफी नहीं हैं, बल्कि माता-पिता, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को मिलकर एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहां इन विशेष बच्चों की जरूरतों को समझा जा सके। उन्होंने इस पहल के लिए तरुण विजय और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया और समाज से इन बच्चों के प्रति संवेदनशील होने की अपील की।