जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने का फैसला जनहित में, हर्ष मल्होत्रा ने किया बचाव

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने का फैसला जनहित में, हर्ष मल्होत्रा ने किया बचाव

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह से जनहित में उठाया गया है, ताकि दिल्ली के निवासियों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके और राजधानी की बदलती परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था को सुधारा जा सके।

विपक्ष के विरोध को बताया राजनीति से प्रेरित

हर्ष मल्होत्रा ने इस फैसले का विरोध कर रही कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और सीजेपी की आलोचना करते हुए उनके दावों को राजनीति से प्रेरित और बेतुका बताया। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासनकाल के दौरान गौ-हत्या विरोधी आंदोलन, किसान आंदोलनों और राम मंदिर आंदोलन के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और बोट क्लब में फायरिंग जैसी घटनाएं हुई थीं। उन्होंने याद दिलाया कि 1993 तक बोट क्लब मुख्य प्रदर्शन स्थल था, जिसे बाद में कांग्रेस सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था।

आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए मल्होत्रा ने 2016 के एक वाकये का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने खुद अपने सरकारी आवास के पास प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने के लिए एसडीएम से आदेश मांगा था। उन्होंने इसे पार्टी के दोहरे मापदंड और असहिष्णुता का प्रमाण बताया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां कर्मचारियों, छात्रों और किसानों की आवाज दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई की जाती है।

भाजपा नेता ने तर्क दिया कि 1993 से 2026 के बीच जंतर मंतर पर हजारों प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन अब दिल्ली की आबादी और विस्तार को देखते हुए वहां लगातार होने वाले प्रदर्शन आम नागरिक जीवन में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा तीन नए प्रदर्शन स्थल तय करना एक सकारात्मक कदम है। मल्होत्रा के अनुसार, लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जरूरी है, लेकिन इसे नागरिकों की सुविधा और शहर के व्यवस्थित प्रबंधन के साथ संतुलित करना आवश्यक है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment