हापुड़: पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर 7.5 करोड़ का फर्जीवाड़ा, दिल्ली में चल रही थी बोगस फर्म

कल्पना कीजिए कि आप अपनी जिंदगी सामान्य रूप से जी रहे हों और अचानक आयकर विभाग से एक नोटिस आए कि आपने करोड़ों का लेन-देन किया है, जबकि आपको इसकी भनक तक न हो। कुछ ऐसा ही खौफनाक अनुभव हापुड़ के श्रीनगर निवासी विशाल गौर के साथ हुआ है। उनके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर करीब 7.5 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन किए गए, जिसके बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
अनन्या ट्रेडिंग कंपनी के मालिक विशाल गौर को इस बड़े घोटाले का पता तब चला जब 26 जून 2025 को उन्हें आयकर विभाग से धारा 148 के तहत एक नोटिस मिला। इस नोटिस में न केवल करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का जिक्र था, बल्कि उनसे 73 लाख रुपये की रिकवरी की मांग भी की गई थी। जब मामले की गहराई से जांच हुई, तो पता चला कि दिल्ली के शकूरपुर इलाके में 'जिल एंटरप्राइजेज' नाम की एक बोगस फर्म चल रही थी, जो पूरी तरह से विशाल के पैन कार्ड के जरिए ऑपरेट हो रही थी।
सालों से दे रहे थे शिकायत, अब जाकर हुई FIR
हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को अपने दस्तावेजों के दुरुपयोग का शक 2020 में ही हो गया था। उन्होंने अक्टूबर 2020 और जनवरी 2022 में नई दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित जीएसटी कार्यालय में शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उनका आरोप है कि उस समय अधिकारियों ने इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया।
इनकम टैक्स का नोटिस मिलने के बाद विशाल ने दोबारा मोर्चा संभाला। उन्होंने 24 जुलाई 2025 को शकूरपुर पुलिस स्टेशन और 2 अगस्त 2025 को पूर्वी दिल्ली के उपायुक्त और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से गुहार लगाई। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार 2 अक्टूबर 2026 को हापुड़ नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफआईआर (नंबर 0575/2026) दर्ज की गई।
फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर शशांक सिंह को सौंपी गई है। हापुड़ पुलिस के साथ-साथ आयकर विभाग और जीएसटी कार्यालय भी इस बात की जांच कर रहे हैं कि 'जिल एंटरप्राइजेज' के पीछे कौन लोग थे और इस बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का जाल कहां तक फैला है।