गुरविंदर पाल सिंह बने दिल्ली हाई कोर्ट के एडिशनल जज, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया के तहत न्यायिक अधिकारी गुरविंदर पाल सिंह को अतिरिक्त न्यायाधीश (Additional Judge) के रूप में नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की पुष्टि सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की।
यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद शुरू हुई थी। दरअसल, 10 सितंबर 2026 को कॉलेजियम ने दिल्ली हाई कोर्ट में पदोन्नति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों का प्रस्ताव दिया था। इनमें से सात अधिकारियों की नियुक्ति 20 सितंबर को ही कर दी गई थी, लेकिन गुरविंदर पाल सिंह का नाम उस सूची में शामिल नहीं था। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उनके नाम पर विचार किया जा रहा है और इसे कॉलेजियम को वापस नहीं भेजा गया था।
संवैधानिक प्रक्रिया और कोर्ट की ताकत
भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के साथ परामर्श करने के बाद यह नियुक्ति की है। नियमों के मुताबिक, इस तरह की नियुक्तियों में मुख्य न्यायाधीश और संबंधित राज्य के राज्यपाल के साथ विचार-विमर्श अनिवार्य होता है।
गुरविंदर पाल सिंह की इस नियुक्ति के बाद अब दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 51 हो गई है, जबकि यहां स्वीकृत पदों की कुल संख्या 60 है। गौरतलब है कि अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति आमतौर पर दो साल के कार्यकाल के लिए की जाती है, जिसके बाद उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया जा सकता है।