गुरुग्राम में भारी बारिश से जलभराव की समस्या, नोएडा नोएडा की ड्रेनेज व्यवस्थायूनिट बेहतर क्यों है?

Kittu Kumari26 August 20262 min read201 viewsNCR
गुरुग्राम में भारी बारिश से जलभराव की समस्या, नोएडा नोएडा की ड्रेनेज व्यवस्थायूनिट बेहतर क्यों है?

26 अगस्त 2026 को हुई भारी बारिश के कारण गुरुग्राम में गंभीर जलभराव की समस्या हुई, जिससे यातायात बाधित हुआ और सड़कें पूरी तरह डूब गईं। यह समस्या दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में भी देखी गई। इसके विपरीत, नोएडा ने अपनी पूर्व-नियोजित ड्रेनेज प्रणाली के रूप में बेहतर प्रदर्शन किया और जलभराव से बचा रहा।

मुख्य बिंदु:

  • गुरुग्राम का ड्रेनेज नेटवर्क 20-30 साल पुराना है।
  • IIT दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार, यह केवल 15-20 मिमी बारिश प्रति घंटा संभाल सकता है।
  • गुरुग्राम प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन कक्षाओं का निर्देश दिया।
  • IIT गांधीनगर की टीम ने स्थायी समाधान खोजने के लिए सर्वेयर शुरू किया है।
  • नोएडा में संप पंप और ड्रेनेज सर्वे का काम किया गया है।

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गुरुग्राम की समस्या और प्रशासनिक कार्रवाई

गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने साइट मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण एक जूनियर इंजीनियर का निलंबन और एक ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया है। 25 अगस्त 2026 को जिला प्रशासन ने कॉर्पोरेट ऑफिसों को 'वर्क फ्रॉम होम' और स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया। साथ ही, 26 अगस्त 2026 से IIT गांधीनगर की एक विशेषज्ञ टीम ने सीवेज नेटवर्क और सड़क बुनियादी ढांचे का सर्वे शुरू किया है ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और योजनाएं

गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर प्राकृतिक ड्रेनेज चैनलों के ऊपर निर्माण को जलभराव का मुख्य कारण बताया। उन्होंने भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम बनाने का प्रस्ताव रखा। भाजपा सांसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम के 60 साल पुराने नियोजनन की वर्तमान जनसंख्या दबाव के लिए पर्याप्त नहीं है। हरियाणा मंत्री श्रुति चौधरी ने स्वीकार किया कि समस्या पुरानी है और समाधान के लिए समय लगेगा।

नोएडा का मॉडल

नोएडा के सीईओ कृष्णा करुणेश के नेतृत्व में शहर में 12 गांवों में संप वेल (Sump wells) के निर्माण और व्यापक ड्रेनेज सर्वे का सक्रियता से काम किया गया। नोएडा अथॉरिटी के जल और सीवर के जनरल मैनेजर आरपी सिंह ने 14 अगस्त 2026 को दावा किया कि वर्तमान तैयारियों के कारण नोएडा शहर अगले 10 से 15 वर्षों तक जलभराव के संकट से मुक्त रहेगा।

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