गुरुग्राम में बड़ा हादसा: तेज बारिश से स्कूल की जर्जर दीवार गिरी, दबकर दो मजदूरों की दर्दनाक मौत

गुरुग्राम में डीएलएफ फेज-2 स्थित एक निजी स्कूल में तेज बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश से बचने के लिए जिस दीवार का सहारा दो मजदूरों ने लिया, वही उनके लिए मौत बन गई। जर्जर दीवार ढहने से उसके नीचे दबकर दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक सूरज और दयानंद उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के किठौर गांव के रहने वाले थे। इस घटना से मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैसे हुआ यह हादसा
डीएलएफ फेज-2 स्थित निजी स्कूल में बिल्डिंग के एक्सटेंशन का काम चल रहा था। दोनों मजदूर स्कूल परिसर में पुराने पेड़ हटाकर उनकी जगह नए पेड़ लगाने का काम करने के लिए आए थे। शुक्रवार दोपहर को अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। दोनों मजदूर बारिश से बचने के लिए पास की ही एक पुरानी बिल्डिंग की दीवार के पास जाकर खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश तेज होने के कुछ ही देर बाद बिल्डिंग की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से सूरज और दयानंद गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस कार्रवाई और स्कूल प्रबंधन पर आरोप
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल स्टाफ और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि हादसे में मरने वालों की पहचान सूरज और दयानंद के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और मजदूरों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल में निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन परिसर में मौजूद जर्जर दीवारों को पहले नहीं हटाया गया और बारिश के मौसम को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए गए थे। पुलिस ने मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। दोनों मृतक अपने परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे।