गुरुग्राम विश्वविद्यालय और मानेसर इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन (MIWA) के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और शिक्षा को उद्योग से जोड़ना है। इस अवसर पर छात्रों को इंटर्नशिप, 30 फीसदी फीस में छूट, स्टार्टअप और रिसर्च को बढ़ावा देने जैसी बड़ी घोषणाएं की गईं। इस सहयोग से गुरुग्राम विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
इस समझौते पर कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा और MIWA अध्यक्ष विकास गुप्ता ने कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कौशिक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर अधिष्ठाता प्रो. अमरजीत कौर, डॉ. सुरभि गोयल, विश्वविद्यालय के अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। समझौते के तहत छात्रों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल विजिट और लाइव प्रोजेक्ट्स का मौका मिलेगा। इसके अलावा, छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों से सीधा मार्गदर्शन और मेंटरशिप भी मिलेगी।
प्लेसमेंट और कौशल विकास कार्यक्रमों को इस साझेदारी में प्राथमिकता दी जाएगी। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। एक्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम को उद्योग सहयोग से और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। शिक्षकों को संयुक्त अनुसंधान और ज्ञान-साझाकरण के अवसर मिलेंगे। सबसे बड़ी घोषणा के तहत MIWA द्वारा अनुशंसित कंपनी-प्रायोजित अभ्यर्थियों को ट्यूशन फीस में 30 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी।
कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कौशिक ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह उद्योग जगत से जुड़ती है। यह साझेदारी विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक उद्योग अनुभव, नवाचार और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। विकास गुप्ता ने कहा कि उद्योग-शिक्षा साझेदारी से ही कुशल कार्यशक्ति का निर्माण होगा और यह दोनों पक्षों के लिए विन-विन स्थिति है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह सहयोग छात्रों को कौशल-संपन्न बनाने में मदद करेगा।