Gurugram Traffic News: रफ ड्राइविंग पर पुलिस सख्त, जुलाई में हजारों चालान और लाखों का जुर्माना

गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। जुलाई 2026 के शुरुआती हफ्तों में पुलिस ने लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य मकसद सड़कों पर होने वाले हादसों को कम करना और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
• 1 से 22 जुलाई के बीच 7,500 से ज्यादा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए।
• गलत दिशा (Wrong-side) और शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 3,200 से ज्यादा चालान किए गए।
• पुलिस ने अब तक लाखों रुपये का जुर्माना वसूला है।
जुलाई में ताबड़तोड़ कार्रवाई
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने 1 जुलाई से 22 जुलाई के बीच कुल 7,500 से अधिक वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की है, जिससे करीब 88 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। मुख्य रूप से गाड़ियों पर लगी अवैध ब्लैक फिल्म और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) न होने के कारण ये चालान किए गए हैं। इसके अलावा, हरियाणा पुलिस ने 1 से 16 जुलाई तक एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें गलत दिशा में गाड़ी चलाने और ड्रंकन ड्राइविंग करने वालों पर नकेल कसी गई। इस दौरान 3,200 से अधिक मामलों में 18.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विशेष टास्क फोर्स का गठन
ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए 1 जुलाई 2026 को डीसीपी (ट्रैफिक) प्रतीक गहलोत की देखरेख में दो विशेष ट्रैफिक एनफोर्समेंट टास्क फोर्स का गठन किया गया है। ये टीमें सोशल मीडिया, ट्रैफिक कंट्रोल रूम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की मदद से रोड रेज, तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों को ट्रैक कर रही हैं। इससे पहले जून महीने में भी पुलिस ने खतरनाक ड्राइविंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था, जिसमें 5,300 से ज्यादा लोगों को गलत दिशा में गाड़ी चलाने के लिए दंडित किया गया था।
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
मोटर व्हीकल एक्ट 1988 (2019 संशोधन) के तहत खतरनाक ड्राइविंग, जैसे तेज रफ्तार, अचानक लेन बदलना, रेड लाइट जंप करना और गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों पर HSRP नंबर प्लेट लगवाएं और अवैध ब्लैक फिल्म को तुरंत हटा दें। नियमों का पालन न करने के कारण न केवल दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि यह कानून के तहत एक गंभीर अपराध भी माना जाता है।