गुरुग्राम में सड़क सफाई मशीन का फर्जीवाड़ा: CAQM के नए सिस्टम ने पकड़ी बड़ी चोरी
CAQM के नए PAVAN कमांड सेंटर ने पकड़ा गुरुग्राम में सड़क सफाई मशीन का फर्जीवाड़ा। मशीन ने 56 किमी दौड़ने का दावा किया, पर सफाई सिर्फ 300 मीटर की हुई।

गुरुग्राम में सड़कों की सफाई के नाम पर चल रहे एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के नए निगरानी सिस्टम ने यह खुलासा किया है कि शहर में सड़क साफ करने वाली एक मशीनीकृत मशीन गलत डेटा भेजकर अधिकारियों को गुमराह कर रही थी। गुरुग्राम स्वीपिंग मशीन फ्रॉड का यह मामला तब सामने आया जब CAQM ने अपना नया कमांड सेंटर 'प्लेटफॉर्म फॉर एयर क्वालिटी विजिलेंस एंड एनालिटिक्स फॉर NCR' (PAVAN) लॉन्च किया।
हैरानी की बात यह है कि मशीन के रिकॉर्ड के मुताबिक उसने एक दिन में 56.5 किलोमीटर की दूरी तय कर सफाई की थी। लेकिन जब PAVAN कमांड सेंटर के जरिए डेटा का विश्लेषण किया गया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। असल में मशीन ने केवल 0.3 किलोमीटर (300 मीटर) सड़क की सफाई की थी। बाकी के 56.2 किलोमीटर वह अपने तय रूट से बाहर थी और 23.2 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से दौड़ रही थी, जिसका सफाई से कोई लेना-देना नहीं था।
MCG की लापरवाही और PAVAN की सख्ती
यह घटना गुरुग्राम नगर निगम (MCG) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। निगम पहले से ही मशीनों के रखरखाव और उनकी कमी से जूझ रहा है। रिकॉर्ड के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 को निगम की 24 मशीनों में से 10 मशीनें बेकार (idle) पड़ी थीं।
अब इस तरह की लापरवाही को रोकने के लिए PAVAN कमांड सेंटर पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है। इस सेंटर की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- यह सेंटर अगले हफ्ते से पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा और दिल्ली-NCR में प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी करेगा।
- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव 30 अक्टूबर 2026 को इस सुविधा की समीक्षा करेंगे।
- करीब 100 अधिकारियों की टीम सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक यहाँ तैनात रहेगी।
- यह सेंटर 2,300 औद्योगिक इकाइयों, 108 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों और पराली जलाने से जुड़े सैटेलाइट डेटा पर नजर रखेगा।
हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए 21 अक्टूबर 2026 को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-I लागू किया गया था। अब यह नया कमांड सेंटर किसी भी उल्लंघन का पता चलते ही तुरंत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को अलर्ट जारी करेगा, ताकि पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके।