Gurugram: Sohna Elevated Road पर ओवरलोडेड ट्रैक्टर ने बढ़ाई मुश्किलें, बड़ा हादसा टला

गुरुग्राम के सोहना एलिवेटेड रोड पर शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। लोहे के गार्डर से लदा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खराब होकर बीच सड़क पर खड़ा हो गया, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया और अन्य वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ गई।
- सोहना एलिवेटेड रोड पर लोहे के गार्डर लदा ट्रैक्टर खराब हुआ।
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी, केवल एक लाल कपड़े का इस्तेमाल।
- सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर फिर छिड़ी बहस।
सड़क सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
शुक्रवार को हुई इस घटना में ट्रैक्टर पर लदे लोहे के गार्डर ट्रॉली से काफी बाहर निकले हुए थे, जिन्हें केवल एक छोटे से लाल कपड़े से बांधा गया था। ट्रैक्टर में न तो कोई पार्किंग साइन था और न ही ट्रैफिक कंट्रोल के इंतजाम किए गए थे, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए स्थिति खतरनाक हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और NH-48 पर रोजाना ऐसे ओवरलोडेड ट्रैक्टर और कैनटर बेधड़क चलते हैं, लेकिन पुलिस की चेकिंग केवल नाम मात्र की होती है। बता दें कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का हाईवे पर चलना वर्जित है।
हालिया हादसों और नियमों का उल्लंघन
यह घटना 17 जुलाई 2026 को द्वारका एक्सप्रेसवे पर हुई उस घातक दुर्घटना के कुछ दिन बाद ही हुई है, जिसमें एक कैब ड्राइवर की जान चली गई थी। वह हादसा तब हुआ जब एक ई-रिक्शा, जो लोहे की छड़ों से ओवरलोडेड था, कैब से टकरा गया। नियमों के अनुसार, माल ढोने वाले वाहनों में तय सीमा से अधिक सामान लादना और बिना रिफ्लेक्टर या रेड फ्लैग के चलना मोटर व्हीकल एक्ट का सीधा उल्लंघन है।
प्रशासन की सख्ती और 'जीरो फेटालिटी' लक्ष्य
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस लगातार नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 24 जुलाई के बीच खतरनाक ड्राइविंग के लिए 271 चालान काटकर 13.95 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा, 1 से 22 जुलाई तक ब्लैक फिल्म और HSRP के लिए 7,500 से अधिक चालान किए गए। फरवरी 2026 से लागू नियमों के तहत NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे की मुख्य लेन में ट्रैक्टर, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। जिला प्रशासन ने NH-48 को सबसे खतरनाक कॉरिडोर मानते हुए इसे 'जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट' बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह ने इंजीनियरिंग सुधार और बेहतर लाइटिंग पर काम करने के सख्त निर्देश दिए हैं।