गुरुग्राम: 93 लाख के बिजली बिल और पावर कट से परेशान सोसाइटी पहुंची कोर्ट
गुरुग्राम की एक हाउसिंग सोसाइटी ने 93 लाख रुपये के भारी-भरकम बिजली बिल और बार-बार होने वाली कटौती के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

गुरुग्राम की एक रेजिडेंशियल हाउसिंग सोसाइटी ने बिजली विभाग के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। मामला एक भारी-भरकम बिजली बिल और लगातार हो रही बिजली कटौती से जुड़ा है, जिसने निवासियों की नींद उड़ा दी है। सोसाइटी मैनेजमेंट का आरोप है कि उन्हें 93 लाख रुपये का जो बिल भेजा गया है, वह पूरी तरह गलत है और उनकी वास्तविक खपत से कहीं ज्यादा है।
सिर्फ पैसों का मामला ही नहीं, बल्कि यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि इलाके में नियमित रूप से तीन-तीन घंटे की बिजली कटौती हो रही है, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। इस दोहरी मार से तंग आकर अब सोसाइटी ने अदालत की शरण ली है।
बिलिंग प्रक्रिया की जांच और समाधान की मांग
सोसाइटी ने कोर्ट से मांग की है कि इस पूरे बिलिंग प्रोसेस की गहन जांच की जाए ताकि यह पता चल सके कि आखिर इतनी बड़ी राशि का बिल कैसे जेनरेट हुआ। साथ ही, बार-बार होने वाले पावर आउटेज (बिजली कटौती) का स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है। यह मामला एनसीआर कॉरिडोर में तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में हाउसिंग सोसायटियों और बिजली प्रदाताओं के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।