गुरुग्राम: श्रीदुर्गा रामलीला में AI तकनीक का तड़का, थिएटर जैसा अहसास दिला रहा है मंच

गुरुग्राम के जैकबपुरा इलाके में इस साल श्रीदुर्गा रामलीला को बेहद आधुनिक और भव्य अंदाज में पेश किया जा रहा है। शुक्रवार रात से शुरू हुई इस रामलीला की सबसे खास बात यह है कि इसमें गुरुग्राम श्रीदुर्गा रामलीला एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरी लीला पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प और प्रभावी नजर आ रही है। आयोजन स्थल को इस तरह तैयार किया गया है कि दर्शकों को किसी बड़े थिएटर में बैठकर शो देखने जैसा अनुभव मिल रहा है।
रामलीला का शुभारंभ बाबा प्रकाश पुरी जी महाराज के शिष्य रवि पुरी जी महाराज, गोपाल दास बत्रा, पवन सचदेव और यश अरोड़ा ने ऋषभ वशिष्ठ, तान्या भव्य और भावेश सलूजा के साथ विधि-विधान से पूजा अर्चना करके किया। इस मौके पर कमेटी के चेयरमैन बनवारी लाल सैनी, प्रधान कपिल सलूजा और महासचिव अशोक प्रजापति सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय विधायक मुकेश शर्मा ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि यह गुरुग्राम की सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक है, जिसे आज की युवा पीढ़ी बहुत ही शानदार तरीके से आगे बढ़ा रही है।
नारद मोह लीला से हुआ आगाज, सोशल मीडिया पर भी लाइव
रामलीला की शुरुआत 'नारद मोह' प्रसंग से हुई। मंचन में दिखाया गया कि कैसे नारद मुनि हिमालय की एक पवित्र गुफा में तपस्या में लीन थे। उनकी तपस्या से घबराकर देवराज इंद्र ने उनकी एकाग्रता भंग करने के लिए कामदेव को भेजा। कामदेव ने अपनी माया से वसंत ऋतु पैदा की और अप्सराओं के नृत्य-गान का आयोजन किया, लेकिन नारद मुनि पर इसका कोई असर नहीं हुआ। अंत में कामदेव ने हार मानकर नारद जी से क्षमा मांगी।
तकनीक के साथ-साथ पहुंच का भी खास ख्याल रखा गया है। रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राजकुमार सैनी ने बताया कि जो लोग किसी कारणवश ग्राउंड में नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से इस पूरी लीला का सीधा प्रसारण (Live Stream) किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस आध्यात्मिक अनुभव से जुड़ सकें।